राजधानी दिल्ली में कथित ‘वोट चोरी’ और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ निकाले गए विशाल ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के ठीक एक दिन बाद विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों को ‘हाई-टी’ (जलपान) पर आमंत्रित किया है. यह कार्यक्रम मंगलवार शाम 4 बजे राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर आयोजित होगा. जलपान से पहले विपक्षी गठबंधन के वरिष्ठ नेता एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, जिसमें आगे के आंदोलन और कानूनी लड़ाई को लेकर साझा रुख स्पष्ट किया जाएगा.
प्रदर्शन के बाद राहुल बोले-हम डरने वाले नहीं
विपक्षी दलों के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सड़क पर उतरे लोगों, विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का खुलकर धन्यवाद किया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को यह संदेश देना बहुत जरूरी था कि भारत की जनता किसी भी तरह से डरने या दबने वाली नहीं है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा कि आज का दिन बेहद अहम था. उन्होंने प्रदर्शन में शामिल हर एक नागरिक, दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीके से समर्थन जताने वाले लाखों लोगों, INDIA ब्लॉक के तमाम नेताओं, कांग्रेस और सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं का आभार जताया.
सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक तकरार
विपक्षी दलों की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक है. सोमवार को कनॉट प्लेस से लेकर मध्य दिल्ली तक विपक्षी नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया था. इस मार्च में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले सहित कई बड़े नेता शामिल हुए थे.
मार्च के बाद विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर की. इस याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाया गया है. विपक्ष का आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया से आम मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं.
आगे की क्या है तैयारी?
राहुल गांधी की इस ‘हाई-टी’ बैठक को विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और युवा नेताओं के बीच आपसी तालमेल मजबूत करने के बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस और शाम की बैठक के दौरान विपक्ष आगे के राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय करेगा.