हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

पुलिस या सेना में भर्ती होने के लिए भूलकर भी न करें ये गलती, वरना जिंदगीभर पड़ेगा पछताना

Police Army Recruitment: सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वालों को अब एक गलती करना महंगा पड़ सकता है। भर्ती के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है…

विज्ञापन
Police Army Recruitment

Police Army Recruitment Rules Latest Update: पुलिस या सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे देशभर के युवाओं के लिए बेहद जरूरी खबर है। भर्ती के लिए आवेदन करते समय भूलकर भी एक गलती न कर देना, नहीं तो जिंदगीभर के लिए पछताना पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती के एक नियम को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसके अनुसार भर्ती के लिए आवेदन करते समय अतीत और चरित्र से जुड़ी जानकारियां छिपाना महंगा पड़ सकता है। अगर जांच पड़ताल में पता चला कि जानकारियां छिपाई गई हैं तो इसका खामियाजा आवेदक को भुगतना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: Government Jobs: दिल्ली पुलिस में नौकरी का मौका, 13 हजार पदों पर भर्ती के लिए करें तैयारी

स्टेट हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया गया

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, अगर कोई पुलिस या सेना में भर्ती के लिए अप्लाई करता है और वह किसी आपराधिक मामले में बरी होता है, लेकिन आवदेन में इसका जिक्र नहीं करता तो यह अयोग्यता का आधार बनेगा। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस पंकज मित्तल की पीठ ने तमिलनाड़ू पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्टेट हाईकोर्ट का एक फैसला रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने एक आवेदक को नियुक्ति देने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस, सेना या सुरक्षाबलों में भर्ती होने वाले नौजवान क्रिमिनल बैकग्राउंड के नहीं होने चाहिएं। इससे जुड़ी जानकारियां आवेदन फॉर्म में पूछी जाती हैं।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Aadhar की तरह स्टूडेंट्स का होगा Apaar कार्ड; पढ़ें वह सब कुछ जो आपको जानना चाहिए

याचिकाकर्ता ने छिपाई केस की जानकारी

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, अगर अगर कोई आवेदक अपने क्रिमिनल रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियां नहीं देगा तो माना जाएगा कि जानकारियां जानबूझकर छिपाई गई हैं। इस आधार पर आवेदक को नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि जे रघुनीस नामक शख्स पर मारपीट का केस दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस में भर्ती के लिए आवेदन करते समय उसने यह जानकारी छिपाई। किसी मामले में जब यह बात उजागर हुई तो पुलिस विभाग ने उसे पद से हटा दिया। पीड़ित ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और फैसला पुलिस विभाग के हक में सुनाया गया।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola