PM Modi Putin Talk: प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच टेलीफोन पर बात हुई है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन के साथ शांति समाधान पर भारत का रुख दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कॉल आया, जिस पर हुई बातचीत में राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पिछले सप्ताह अलास्का में हुई बैठक के बारे में भी प्रधानमंत्री मोदी को बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देते हुए दोहराया कि भारत का हमेशा से स्पष्ट रुख रहा है कि किसी भी संघर्ष का समाधान कूटनीति और संवाद के जरिए ही होना चाहिए। भारत यूक्रेन के साथ शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा की और आगे भी संवाद करने रहने की बात पर सहमति जताई।
भविष्य में संवाद करते रहने की प्रतिबद्धता जताई
प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन भविष्य में भी आपसी संवाद और करीबी संपर्क बनाए रखेंगे। राष्ट्रपति पुतिन ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अलास्का में हुई मीटिंग के बारे में विस्तार से बताया और मुद्दे पर उनके विचार पूछे। साथ ही यूक्रेन के साथ शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
बता दें कि रूस और यूक्रेन के युद्ध पर भारत का रुख तटस्थ और शांति के पक्ष में रहा है। भारत ने बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध का समानधान निकालने की वकालत की है। भारत ने एक ओर जहां रूस की युद्ध के लिए निंदा करने या प्रतिबंधों में शामिल होने से परहेज किया, वहीं यूक्रेन की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया है। भारत ने रूस के साथ रक्षा और ऊर्जा संबंधों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है, वहीं यूक्रेन के साथ भी सहानुभूति और सहयोग का भाव व्यक्त किया है।
साल 2014 से जारी है दोनों देशों में संघर्ष
बता दें कि रूस और यूक्रेन में युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था, लेकिन साल 2014 में डोनबास क्षेत्र में रूस समर्थित अलगाववादियों और यूक्रेन में संघर्ष हुआ था, तब रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। दोनों देशों में संघर्ष तब से ही जारी है, लेकिन साल 2022 में संघर्ष पूर्ण युद्ध में बदल गया। रूस ने यूक्रेन को नाटो का सदस्य बनने से रोकने के लिए हमला किया है। साथ ही पश्चिमी देशों की ओर यूक्रेन का झुकाव और यूक्रेन में बसी रूसी भाषी आबादी का उत्पीड़न भी हमले की वजह है।