नई दिल्ली में आयोजित ‘NDTV वर्ल्ड समिट’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है. पीएम ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन जरूरी हैं, लेकिन कांग्रेस सिर्फ एक व्यक्ति को चमकाने के लिए सबको दबा रही है. वहीं, PM मोदी ने बदलती दुनिया और नई वैश्विक व्यवस्था पर अपनी बात रखी. पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया भर में नई ताकतें उभर रही हैं, नई आवाजें अपनी जगह मांग रही हैं और नई चुनौतियां नए समाधानों की मांग कर रही हैं. लेकिन जमीनी हकीकत बदलने के बाद भी फैसले लेने के पुराने तौर-तरीके नहीं बदले हैं, जिससे वैश्विक व्यवस्था और असलियत के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है. वैश्विक तनावों की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी व्यापार देशों को जोड़ता था और तकनीक दूरियों को पाटती थी, लेकिन आज हालात उलट हो चुके हैं.
पीएम मोदी के मुताबिक, “आज व्यापार हथियार बनाने का जरिया बन रहा है. टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा और टकराव का नया अखाड़ा बन रही है, जबकि समुद्री रास्ते भू-राजनीतिक तनावों के केंद्र बन चुके हैं.” उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ एक नई व्यवस्था का आना नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जो बदलती हकीकत को स्वीकार करे और वैश्विक संस्थानों को अधिक प्रभावी बनाए.
आम इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी पर वैश्विक बदलावों का असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आम इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी पर वैश्विक बदलावों का असर पड़ रहा है, इसलिए हर कोई एक नए ‘वर्ल्ड ऑर्डर’ की बात कर रहा है. उन्होंने दो बड़े सवाल उठाते हुए कहा कि हमें सोचना होगा कि पुरानी वैश्विक व्यवस्था आज के संकटों को हल क्यों नहीं कर पा रही है और इस बदलते दौर में भारत की भूमिका क्या है.
संयुक्त राष्ट्र (UN) की भूमिका का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यूएन ने शांति और सहयोग बढ़ाने में योगदान दिया है, लेकिन वक्त के साथ दुनिया काफी आगे निकल गई है. नई अर्थव्यवस्थाएं और ताकतें उभरी हैं तथा तकनीक ने सत्ता के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है. वे आज अपना वाजिब हक मांग रहे हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि दुनिया तो तेजी से बदली, लेकिन न तो वैश्विक व्यवस्था उस रफ्तार से सुधरी और न ही पुरानी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं खुद को ढाल सकीं.
PM मोदी बोले-लोकतंत्र में सुधार के लिए विरोध जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष और खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि लोकतंत्र में सरकार की कमियां गिनाना और व्यवस्था में सुधार की मांग करना बेहद जरूरी है, लेकिन कांग्रेस ऐसे आंदोलनों को ही खत्म कर देती है. उन्होंने कांग्रेस की तुलना एक ‘परजीवी’ से करते हुए कहा कि यह पार्टी किसी और को आगे बढ़ते देखना ही नहीं चाहती. पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल एक व्यक्ति को सुर्खियों में बनाए रखना चाहती है. इसी वजह से वह विपक्ष के अन्य युवा नेताओं की आवाज को लगातार दबा रही है. उन्होंने कहा, “कांग्रेस किसी और को मौका नहीं देती. वह सिर्फ एक चेहरे को चमकाना चाहती है और विपक्ष के युवा नेताओं की बातें सुनने को तैयार नहीं है.”
‘श्रीहरिकोटा’ के रॉकेट लॉन्चिंग का दिया उदाहरण
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने ‘श्रीहरिकोटा’ के रॉकेट लॉन्चिंग का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि कांग्रेस अपने फेल प्रॉडक्ट को री-लॉन्च करने के लिए कब तक देश के हितों को दांव पर लगाती रहेगी. श्रीहरिकोटा से साल भर में इतने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, जितने प्रयास कांग्रेस अपने एक नेता को लॉन्च करने में कर चुकी है.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘अंगूर खट्टे हैं’ की तर्ज पर काम कर रही है और अपने परिवार को बचाने के लिए देश की साख को कठघरे में खड़ा कर रही है.