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पायलटों को साल में एक बार जरूर कराना होगा डोप टेस्ट, DGCA लागू करेगा नए नियम, जानें क्या है प्लान?

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री जल्द बड़ा फैसला लेने जा रही है, जिसके तहत सभी पायलटों का साल में एक बार डोप टेस्ट ज़रूर होगा.

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सिविल एविएशन मिनिस्ट्री पायलटों की सेफ्टी को लेकर अलर्ट मोड पर आ गई है. इसी कड़ी में मंत्रालय बड़ा फैसला लेने जा रहा है, जिसके तहत सभी पायलटों का साल में एक बार डोप टेस्ट ज़रूर होगा. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी DGCA इस बारे में स्टेकहोल्डर्स से विचार-विमर्श कर रही है. इसका मकसद है कि फ्लाइट के दौरान कोई भी पायलट किसी तरह के नशे में ना हो. अभी नियम ये है कि सिर्फ 10% पायलटों का ही टेस्ट किया जाता है. दरअसल, 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में हुई टर्बुलेंस की जांच के दौरान ये पाया गया था कि फ्लाइट को उड़ाने वाला पायलट नशे में था. उसका दो बार डोप टेस्ट किया गया, जिसमें ये बात साबित हो गई. एयर इंडिया ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी पायलटों का एक बार डोप टेस्ट होना अनिवार्य कर दिया है.

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मंत्रालय ने दी जानकारी

सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पायलटों की ड्रग टेस्टिंग को मज़बूत करने के लिए DGCA तैयारी कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, DGCA पहले से ही एविएशन कर्मचारियों के साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए टेस्ट से जुड़े नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन एयर इंडिया फ्लाइट में जो हुआ उसके बाद से DGCA पर एक्शन मोड में आने की मांग उठने लगी. अगस्त की शुरुआत में पायलटों के संगठन ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स’ (FIP) ने DGCA से सालाना अनिवार्य टेस्टिंग का दायरा मौजूदा 10% से बढ़ाकर 25% पायलटों तक करने की अपील की थी.

नायडू ने क्या कहा?

राममोहन नायडू ने मीडिया से बात करते हुए कहा- ”हमारी राय है कि साल में एक बार भी किसी भी समय रैंडम तरीके से हर किसी का टेस्ट होना चाहिए. हमें ये देखना होगा कि सभी स्टेकहोल्डर्स इस पर कैसा रिएक्शन देते हैं, क्योंकि एक तो सुरक्षा का पहलू है और दूसरी बात ऑपरेशनल असर है. इस पर भी ध्यान देना होगा. इसलिए हम दोनों के बीच संतुलन बनाएंगे.” नशीले पदार्थों की जांच से जुड़े मौजूदा DGCA CAR नियमों में खासतौर से पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स पर फोकस किया जाता है. ये नियम सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों पर लागू होते हैं, जैसे कि एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर और सर्टिफाइंग स्टाफ, ट्रेनी पायलट, इंस्ट्रक्टर, एग्ज़ामिनर.

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First published on: Aug 25, 2026 03:42 PM

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