Parliament Security Breach: संसद की सुरक्षा में चूक मामले में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों को गुरुवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जहां पुलिस ने 15 दिन की रिमांड मांगी, हालांकि कोर्ट ने 15 दिन के बजाय 7 दिन की रिमांड मंजूर की है।
दिल्ली पुलिस के वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा- हमने 15 दिनों की पुलिस कस्टडी मांगी थी। जिस पर अदालत ने विचार किया और सात दिनों की रिमांड दी है। कोर्ट ने कहा कि अभी 7 दिन की रिमांड दी जा रही है। आप जांच कीजिए फिर जरूरत पड़ने पर ये रिमांड बढ़ाई जाएगी। अतुल श्रीवास्तव ने आगे कहा- “इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के साथ दोनों पक्षों को सुनने के बाद यूएपीए की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने फिलहाल सात दिनों की पुलिस हिरासत दी है।”
कौन हैं चार आरोपी?
जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, उसमें से एक सागर शर्मा लखनऊ का रहने वाला है। जबकि दूसरा आरोपी मनोरंजन डी कनार्टक के मैसूर शहर का निवासी है। हरियाणा के जींद की नीलम और महाराष्ट्र के लातूर का अमोल शिंदे भी इसमें आरोपी है। बताया जाता है कि चारों आरोपियों ने गुरुग्राम के एक फ्लैट में मिलकर ‘स्मोक अटैक’ की योजना बनाई थी। वे पिछले दो साल से एक-दूसरे को जानते थे।
गुरुग्राम से दंपति गिरफ्तार
ये आरोपी भगत सिंह फैन क्लब से जुड़े हुए थे। इस मामले में गुरुग्राम से एक दंपति को भी गिरफ्तार किया गया था। इसमें गिरफ्तार किए गए आरोपी विक्की का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है। उसे जंगली फौजी ग्रुप का सदस्य बताया जा रहा है।
आरोपियों के उनके फ्लैट में रुकने और योजना बनाने की बात सामने आ रही है। अभी तक इस मामले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन जिस तरह से संसद हमले 2001 की बरसी के दिन ये घटना हुई, उससे इसका कनेक्शन खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पन्नू ने 13 दिसंबर को संसद पर हमले की धमकी दी थी।
बुधवार रात गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। इस केस की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पास है। दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट इस मामले की जांच में जुटी है।