Hanuman Beniwal Parliament: संसद में बुधवार को सुरक्षा में गंभीर चूक हुई। इसके बाद जमकर हंगामा मचा। दो युवक दर्शक दीर्घा से कूदते हुए सांसदों के बीच जा पहुंचे। हालांकि जब उनकी पकड़कर धुनाई की गई तो उन्होंने स्प्रे छिड़ककर लोकसभा को धुआं-धुआं कर दिया। युवकों को सबसे पहले नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पकड़ा। उन्होंने एक युवक की जमकर पिटाई की। इसके बाद 11 सांसदों ने मिलकर युवकों को पीटा।
सोशल मीडिया पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की दिलेरी के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह सबसे पहले युवक को पकड़ने के लिए आगे आते दिख रहे हैं, लेकिन सवाल ये कि आखिर सांसद हनुमान बेनीवाल संसद में क्या कर रहे थे क्योंकि हाल ही उन्होंने राजस्थान के विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी RLP से खींवसर सीट से जीत दर्ज की है। क्या हनुमान बेनीवाल ने बाकी सांसदों की तरह इस्तीफा नहीं दिया है? क्या वे सांसद बने रहेंगे या फिर विधानसभा की सीट छोड़ेंगे। आइए जानते हैं इसको लेकर क्या है नियम…
14 दिन के अंदर छोड़नी होती है एक सीट
संविधान के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 14 दिन के अंदर अपना इस्तीफा सौंपना पड़ता है। उन्हें इस अवधि के दौरान दोनों में से एक सीट छोड़नी पड़ती है। ऐसा नहीं करने पर सांसद की संसद सदस्यता चली जाती है। राजस्थान में चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को घोषित हुए थे। ऐसे में हनुमान बेनीवाल के पास अपना इस्तीफा सौंपने के लिए बुधवार से लेकर 4 दिन तक का समय बचा है। संविधान के अनुच्छेद 101 के तहत 1950 के सदस्यता नियमों में इसका जिक्र किया गया है।
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 10 बीजेपी सांसदों ने 6 दिसंबर को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। वे विधायक बने रहेंगे। इसके बाद जीते हुए सभी 12 बीजेपी सांसद अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें मध्य प्रदेश के नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह और रीति पाठक का नाम शामिल है। छत्तीसगढ़ के गोमती साई का भी इस्तीफा स्पीकर ने स्वीकार कर लिया है।
राजस्थान से सांसद दीया कुमारी, राज्यवर्धन राठौड़, बाबा बालकनाथ और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा इस्तीफा दे चुके हैं। अब देखना ये होगा कि हनुमान बेनीवाल संसद या विधानसभा में से कौनसी सीट छोड़ते हैं।