Air Pollution In Delhi: दिवाली से पहले दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है. पड़ोसी देश पाकिस्तान में खेतों में लगाई जा रही आग एक नई चिंता का विषय बन गई है. पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना तो खराब हवा का एक बड़ा कारण है ही, लेकिन सैटेलाइट से मिली जानकारी बताती है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी फसलों में बहुत बड़ी संख्या में आग लगाई जा रही है, जिससे पूरे उत्तर भारत में पॉल्यूशन का बोझ और बढ़ सकता है.
दिवाली से पहले दिल्ली का AQI बिगड़ा
2 नवंबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में पहुंच गया. पिछले साल के पॉल्यूशन सीजन की तुलना में ये इस बार जल्दी हुआ है. 3 नवंबर को औसत AQI तकरीबन 330 के आसपास रहा, जबकि कम से कम 3 मॉनिटरिंग सेंटर पर ये आंकड़ा 400 के पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ कैटेगरी में आता है.
ये हालत 30 अक्टूबर के बाद बिगड़ी है, जब बारिश के कारण दिल्ली का AQI गिरकर 60 पर आ गया था. अक्टूबर महीने में दिल्ली का औसत AQI 167 रहा, जो पिछले 8 सालों में अक्टूबर के दौरान दर्ज की गई सबसे अच्छी एयर क्वालिटी थी. इसके जवाब में, अधिकारियों ने ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) के दूसरे स्टेज को लागू कर दिया है. इसके तहत पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल और कंस्ट्रक्शंस साइट्स की कड़ी निगरानी जैसे कदम उठाए गए हैं.
पाकिस्तान में फसलों में आग लगने की घटनाएं ज्यादा
नासा के ‘फायर इंफॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम’ (FIRMS) सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में खेतों में आग लगने की घटनाओं में भारी इजाफा हुआ है. पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अक्टूबर से 29 अक्टूबर के बीच पाकिस्तान के पंजाब में आग लगने की 13241 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि भारतीय पंजाब में ये आंकड़ा 3158 था. इसका मतलब है कि सीमा के उस पार आग लगने की घटनाएं लगभग 4.2 गुना ज्यादा थीं.
पाकिस्तान में अक्टूबर महीने में दर्ज कुल घटनाओं में से तकरीबन आधी, यानी 6655 घटनाएं, महीने के आखिरी सात दिनों में हुईं. लाहौर के आसपास आग लगने की ज्यादा घटनाओं के कारण वहां की हवा बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई. हालांकि सिर्फ आग लगने की ज्यादा संख्या से ये तय नहीं होता कि पाकिस्तान से दिल्ली तक कितना प्रदूषण पहुंचा है.
दिल्ली-एनसीआर तक क्यों पहुंच रहा है धुआं?
कई वेदर एक्सपर्ट्स का मानना है कि उत्तर-पश्चिमी हवाएं पाकिस्तान से धुआं उड़ाकर भारतीय पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर तक ला सकती हैं. हवा की धीमी गति, गिरता तापमान और प्रतिकूल वायुमंडलीय स्थितियां प्रदूषकों को फैलने से रोक रही हैं.
क्या राहत की उम्मीद है?
IMD ने संकेत दिया है कि उत्तर-पश्चिमी हवाएं 4 दिनों तक जारी रह सकती हैं. बेमौसम बारिश के कारण फसल की कटाई में देरी हुई है, जिससे भारतीय राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं. दिवाली करीब आने के साथ, पटाखों से निकलने वाला धुआं पहले से ही चिंताजनक बनी स्थिति को और बिगाड़ सकता है. इसलिए आने वाले दिन दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी के लिहाज से बहुत अहम होंगे.