जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले में हर सबूत पाकिस्तान का हाथ होने का इशारा कर रहा है। अब तक की जांच में हर कड़ी पाकिस्तान से जुड़ती दिख रही है। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के समर्थित आतंकी गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। सूत्रों के मुताबिक इस संगठन का मुखिया शेख सज्जाद गुल है, जो पाकिस्तान में छिपा है। हमले के कुछ दिन पहले पाकिस्तान सेना के मुखिया जनरल असीम मुनीर ने कश्मीर को लेकर भारत को धमकी दी थी। कश्मीर को मुनीर ने पाकिस्तान के गले की नस बताया था। अब एक बड़ी जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को लेकर सामने आ रही है।
कई अफसर थे मौजूद
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सेना के पूर्व अधिकारी आदिल रजा ने खुलासा किया है कि जब पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम दे रहे थे, उस समय पाकिस्तान में आईएसआई की बड़ी बैठक हो रही थी। इस बैठक में ISI के डायरेक्टर जनरल (DG) लेफ्टिनेंट जनरल असीम, सभी डिवीजन महानिदेशक और कई बड़े अफसर मौजूद थे। बैठक के एजेंडे का खुलासा भी आदिल रजा ने किया है। बैठक में विदेशी प्रवासियों को लेकर चर्चा हुई, जिनकी वजह से पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लगातार विरोध की स्थिति पाकिस्तान में बनती जा रही है। रजा के अनुसार पाकिस्तान के राजनीतिक हालातों और इमरान खान की पार्टी PTI को कमजोर करने की साजिश भी मीटिंग के दौरान रची गई।
जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश
पाकिस्तानी सेना की छवि फिलहाल खराब होती जा रही है। पाकिस्तान की राजनीति में सेना के हस्तक्षेप किए जाने का विरोध होने लगा है। इसलिए आईएसआई धार्मिक कट्टरवाद के जरिए युवाओं का ध्यान सेना से भटकाने के लिए काम कर रही है। वहीं, इस मीटिंग में भारत को लेकर भी चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना पूर्वी और पश्चिमी बॉर्डर पर कोई गुप्त ऑपरेशन चलाने की योजना बना रही है। ऑपरेशन कब और कैसे चलेगा, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है? भारत को उकसाने की कोशिश पाकिस्तानी सेना कर रही है, ताकि जनता का ध्यान सेना से भटके और वह उनके साथ खड़ी हो जाए।