चीनी के साथ-साथ अब प्याज की कीमतें भी लोगों के लिए सिर का दर्द बन गई है. सब्जी मंडी में प्याज करीब 45 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जो पिछले साल के मुकाबले 45 प्रतिशत ज्यादा है. महज एक महीने में प्याज की कीमतों में 19 प्रतिशत तक की महंगाई आ चुकी है. दिल्ली, कोच्चि, चेन्नई समेत कई शहरों में प्याज का रेट औसत से भी कहीं ज्यादा है. सरकार ने इन शहरों में प्याज की कीमतों में आए उछाल को काबू करने के लिए बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत आज से नासिक से 'कांदा एक्स्प्रेस' ट्रेन चलाने का ऐलान किया है.

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कितना है प्याज का रेट?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 65 रुपये किलो हो गई है, जोकि एक साल से 35 रुपये प्रति किलो के रेट से बिक रही थी. चेन्नई में प्याज की कीमत 33 रुपये से बढ़कर सीधा 58 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. केरल और असम के कई इलाकों में भी प्याज काफी महंगा बिक रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार हर वो मुमकिन कोशिश कर रही है, जिससे प्याज की बढ़ती कीमतों पर काबू पाया जा सके. सरकार कम कीमत पर प्याज मुहैया करवाने वाली है. केंद्र का कहना है कि कुछ कारोबारी जानबूझकर प्याज महंगे दामों में बेच रहे हैं, जिसकी वजह से कीमतों में इजाफा हो रहा है.

कितना है प्याज का स्टॉक?

जानकारी के मुताबिक, आने वाले महीनों में प्याज की आपूर्ति को पूरा करने के लिए सरकार और किसानों के पास पर्याप्त स्टॉक है. मार्केट से जुड़े लोगों का कहना है कि महाराष्ट्र में खरीफ प्याज के उत्पादन में 5% से 7% तक की कमी आ सकती है, जोकि प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य माना जाता है. वहीं, कृषि मंत्रालय ने अंदाज़ा लगाया है कि 2025-26 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में प्याज का प्रोडक्शन साल 2024-25 के बराबर होगा यानि उत्पादन 307 लाख टन तक रह सकता है.

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