दिल्ली में इंटरनेट बंद करने के मामले में गृह मंत्रालय ने दिया जवाब, क्या सुप्रीम कोर्ट से गृह सचिव ने बिना शर्त मांगी माफी?

गृह मंत्रालय ने प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी बयान में कहा कि गृह सचिव, पुलिस आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से दाखिल हलफनामों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है.

Ministry of Home Affairs

सरकार या पुलिस की ओर से गलती स्वीकार नहीं की गई. (Photo: ANI)

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को उन मीडिया रिपोर्टों पर सफाई दी, जिनमें कहा गया था कि केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट के अवमानना नोटिस के जवाब में बिना शर्त माफी मांगी है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से उठाए गए सभी कदम कानून के अनुरूप हैं और उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का कोई मामला नहीं बनता. मंत्रालय के मुताबिक, अवमानना नोटिस का जवाब देते समय हलफनामे के शुरुआती पैराग्राफ में बिना शर्त माफी का जिक्र करना एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसका पालन हर ऐसे मामले में किया जाता है.

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माफी मांगने का मतलब गलती स्वीकार करना नहीं

गृह मंत्रालय ने प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी बयान में कहा कि गृह सचिव, पुलिस आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से दाखिल हलफनामों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि माफी का जिक्र किए जाने को सरकार या पुलिस की ओर से गलती स्वीकार करने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. हलफनामे में आगे फैक्ट और दलीलों के जरिए यह स्पष्ट किया गया है कि संबंधित कार्रवाई कानून के दायरे में की गई थी.

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दिल्ली में प्रतिबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

गौरतलब है कि यह पूरा मामला दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले लगाए गए प्रतिबंधों से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर के अपने आदेश में केंद्र सरकार को कुछ सेवाओं पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध हटाने और जरूरत के मुताबिक ऐसे नियमन की अनुमति दी थी, जिससे दिल्ली के आम नागरिकों को असुविधा न हो. इसके बाद गृह सचिव गोविंद मोहन ने अदालत में दाखिल अपने जवाब में कहा कि 9 अक्टूबर को केंद्र की ओर से जारी निर्देश का उद्देश्य शांति बनाए रखना और सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकना था.

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हलफनामे के मुताबिक, मोबाइल इंटरनेट पर रोक 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक रायसीना हिल के चार किलोमीटर के दायरे में लागू रही, यह प्रतिबंध केवल मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर था. वाई-फाई और ब्रॉडबैंड सेवाओं को इससे बाहर रखा गया था.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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