Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

‘ये कंगारू कोर्ट है’, निष्कासन की सिफारिश पर महुआ मोइत्रा ने एथिक्स पैनल पर किया कटाक्ष

Mahua Moitra Targated Lok Sabha Ethics Committee: एक टीवी इंटरव्यू में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि निष्कासन की धमकी उनके लिए सम्मान का मेडल है।

Author
Edited By : Naresh Chaudhary Updated: Nov 10, 2023 14:34
Mahua Moitra, Lok Sabha Ethics Committee

Mahua Moitra Targated Lok Sabha Ethics Committee: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को लोकसभा आचार समिति पर फिर से कटाक्ष किया है। उन्होंने आचार समिति को ‘कंगारू कोर्ट’ कह दिया है। साथ ही कहा है कि कैश फॉर क्वेरी विवाद में शुरू से आखिर तक बंदरबांट किया गया है। इसके लेकर उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि एथिक्स पैनल को पहले उन्हें निष्कासित करना चाहिए और फिर केंद्र से सीबीआई को सबूत ढूंढने के लिए कहना चाहिए।

एथिक्स कमेटी को लेकर मोइत्रा ने कही ये बात

सांसद महुआ मोइत्रा ने लिखा है कि संसदीय इतिहास में पहले व्यक्ति के रूप में पहचान बनने पर गर्व है, जिसे आचार समिति की ओर से अनैतिक रूप से निष्कासित किया गया है। इसके जनादेश में निष्कासन शामिल नहीं है। उन्होंने ये भी लिखा है कि पहले निष्कासित करें और फिर सरकार से कहें कि वह सबूत ढूंढने के लिए सीबीआई से कहे। कंगारू कोर्ट शुरू से आखिर तक बंदरबांट हो रहा है। बता दें कि मोइत्रा का ट्वीट एथिक्स पैनल की ओर से उन्हें लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश के एक दिन बाद आया है।

---विज्ञापन---

Mahua Moitra

एक इंटरव्यू में मोइत्रा ने कहीं ये बातें

एथिक्स पैनल की सिफारिश के बाद इंडिया टुडे टीवी के साथ एक इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने कहा कि निष्कासन की धमकी उनके लिए सम्मान का मेडल है। उन्होंने कहा कि एथिक्स पैनल का जनादेश निष्कासन तक भी नहीं फैलता। टीएमसी सांसद ने इंटरव्यू में कहा कि सबसे अच्छा जो वो कर सकते हैं वो उन्होंने किया। यह विशेषाधिकार समिति है जो निष्कासन की सिफारिश कर सकती है।

---विज्ञापन---

इन सदस्यों ने किया रिपोर्ट का विरोध

बताया गया है कि एथिक्स पैनल ने गुरुवार को कैश-फॉर-क्वेरी विवाद पर अपनी रिपोर्ट पेश की थी। इसके प्रमुख विनोद सोनकर ने कहा कि छह सदस्यों ने रिपोर्ट को समर्थन किया, जबकि चार ने इसका विरोध किया। उन्होंने ये भी कहा कि अपराजिता सारंगी, राजदीप रॉय, सुमेधानंद सरस्वती, परनीत कौर, विनोद सोनकर और हेमंत गोडसे ने रिपोर्ट का समर्थन किया, जबकि दानिश अली, वी वैथिलिंगम, पीआर नटराजन, गिरिधारी यादव इसके विरोध में थे।

देश की खबरों के लिए यहां क्लिक करेंः-

First published on: Nov 10, 2023 02:34 PM

संबंधित खबरें