दिनेश पाठक, नई दिल्ली
Lok Sabha Election: देश के दूसरे लोकसभा चुनाव के परिणाम जब आए तो कांग्रेस की जमीन खिसकती हुई दिखी थी। महज दस साल के शासन के बाद ही प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की लोकप्रियता घटने लगी थी। कांग्रेस को साल 1957 में हुए आम चुनाव में उत्तर भारत में तो जबरदस्त सफलता मिली लेकिन देश के बाकी हिस्सों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। यह और बात है कि लोकतंत्र की खूबसूरती की वजह से कांग्रेस ने लगभग 40 साल तक देश पर निष्कंटक राज किया। इसी चुनाव में अटल बिहारी वाजपेई के रूप में एक भी युवा संसद में पहुंचा, जिसने आगे चल कर तीन बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। आइए जानते हैं कि दूसरे आम चुनाव में क्या कुछ खास था?
विपक्ष पड़ा कमजोर, कांग्रेस को मिला बहुमत
दूसरे आम चुनाव तक विपक्ष की धार कमजोर पड़ने लगी थी। जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का असमय निधन हो गया। विपक्ष के बड़े नेता कृपलानी की पत्नी ने भी कांग्रेस जॉइन कर ली। जेपी ने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। इसका लाभ कांग्रेस को मिला। उत्तर भारत में उसके 195 सदस्य जीतकर संसद पहुंच गए। लोकसभा में कांग्रेस के कुल 371 सदस्य जीतकर आए। पश्चिम, दक्षिण और पूर्वी हिस्से से उसके सामने अनेक चुनौतियां खड़ी हो गईं थीं। नेहरू ने परिणाम आने के साथ ही इसे महसूस भी कर लिया था और उसी हिसाब से आगे पार्टी में सुधार वाले कदम भी उठाए गए। यह चुनाव 24 फरवरी से 9 जून 1957 तक चला था।
दूसरे आम चुनाव में संसद पहुंचीं 22 महिलाएं
साल 1957 में हुए चुनाव में कुल 45 महिलाएं मैदान में उतरी थीं और इनमें से 22 ने जीत दर्ज की थी। सीपीआई दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिसके 27 सदस्य संसद पहुंचे। इसी तरह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के 19 और जनसंघ के चार सदस्य चुनकर आए, इन्हीं में से एक थे अटल बिहारी वाजपेई, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की बलरामपुर सीट से जीत दर्ज की थी। संसद में उनके भाषण से नेहरू भी प्रभावित थे। उन्होंने उसी जमाने में भविष्यवाणी कर दी थी कि अटल बिहारी में पीएम बनने के सारे गुण हैं और उनकी बात सच हुई। अटल ने तीन बार पीएम पद की शपथ ली। वे ऐसे पीएम बने जिन्होंने गठबंधन की राजनीति को शुचिता के साथ चलाया और निभाया।
शराब दुकानें बंद करने का पहली बार आदेश
पहले आम चुनाव में जहां 17 करोड़ से ज्यादा मतदाता थे तो पांच साल बाद होने जा रहे दूसरे आम चुनाव में यह संख्या 19 करोड़ से ज्यादा हो गई थी। चुनाव आयुक्त के रूप में सुकुमार सेन इस अहम इलेक्शन के लिए सबसे बड़े जिम्मेदार अफसर थे। इसीलिए यह चुनाव पहले चुनाव से ज्यादा सरल तरीके से हुआ। पुरानी मतपेटियां इस्तेमाल में ली गईं तो मतदाताओं की संख्या बढ़ने की वजह से करीब 5 लाख नई मतपेटियां और बनवाई गईं। पहली बार मतदान के दिन शराब की दुकानें बंद करने का आदेश इसी दौरान हुआ, जो अब भी लागू है। क्योंकि अनेक तरीके की रोक के बावजूद शराब बांटने की शिकायतें आयोग तक पहुंचती ही हैं। अनेक प्रयासों के बाद भी इसे रोका नहीं जा सका।
कई अजीबोगरीब चीजें भी देखने को मिलीं थीं
इस चुनाव में जब मतगणना शुरू हुई तो कई अजीबोगरीब चीजें सामने आईं। देश के अलग-अलग हिस्सों में यह सब हुआ। कहीं मतपत्रों पर गालियां लिखी मिलीं तो अनेक मतपेटियों से नोट और सिक्के भी निकले। नेताओं के नाम पत्र भी मिले तो अपनी पसंद के फिल्मी सितारों की फोटो भी मतदाताओं ने मतपेटी में डाल रखी थीं। मद्रास में एक मतदाता चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन को वोट देने की जिद कर बैठा तो दिल्ली में नामांकन कराने पहुंचा व्यक्ति लॉर्ड जीसस के नाम पर नामांकन करने की अनुमति मांगने लगा। हालांकि इनमें से किसी को भी अनुमति नहीं मिली।
पहली बार बूथ कैप्चरिंग भी इसी चुनाव में हुई
बिहार के बेगूसराय के रचियारी गांव में बने एक बूथ पर स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया। मतपेटियां नष्ट कर दी गईं। चुनाव आयोग भी इसके लिए तैयार नहीं था। यह भारत के चुनावी इतिहास में इस तरह की पहली घटना थी। उसके बाद तो अनेक मौकों पर बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं हुईं। उसी के बाद देश में राजनीति के अपराधीकरण की शुरुआत हुई। तब से अब तक न जाने कितने बड़े आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सांसद बने, विधायक बने। आज भी लगातार चुने जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: Voter ID नहीं है तो भी कर सकते हैं मतदान, जानिए कैसे?
ये भी पढ़ें: जब 1 वोट से मिली हार के चलते टूटा सीएम बनने का ख्वाब
ये भी पढ़ें: इंदिरा को हराने के लिए जब रायबरेली में उतरीं थीं राजमाता
संबंधित खबरें
संकट में हैं 350000 जिंदगियां, सुपर अल नीनो से दुनिया में पड़ेगी भीषण गर्मी
1 hr ago'पाकिस्तान से दोस्ती का अंजाम बुरा होगा', राजनाथ सिंह की अमेरिका को चेतावनी
3 hrs agoCBSE स्कूलों में 3,100 शिक्षकों की सीधी भर्ती, जानें चयन प्रक्रिया और सैलर
3 hrs ago'वाराणसी, नागपुर की तरफ भी देखें...', PM मोदी के तंज पर कांग्रेस का पलटवार
3 hrs ago'इरादा अपमान करने का नहीं था', संजय राउत ने CJI सूर्यकांत से मांगी माफी
4 hrs agoMLC चुनाव में 13 सीटों पर BJP का कब्जा, सपा का कमबैक; PK की धमाकेदार एंट्री
4 hrs ago'खतरनाक अर्बन दिमागी नक्सल', नसीरुद्दीन शाह के बयान पर बोले केंद्रीय मंत्री
5 hrs agoLIVE: नीट पेपर लीक मामले में आरोप तय करने को लेकर फैसला रखा गया सुरक्षित
6 hrs agoयूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018 में High Court का बड़ा फैसला, नियुक्ति तय
6 hrs ago90% घटे कैंसर की दवाइयों के रेट, जानें कब से लागू होंगी नई कीमतें?
7 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines