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क्या लिव-इन पार्टनर को मिलेगा दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने का हक? सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

सुप्रीम कोर्ट में लिव-इन से संबंधित एक मामला पहुंचा है। एक लिव इन पार्टनर ने अपने प्रेमी पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि हिंदू विवाह में ये अधिकार केवल पत्नी को ही है। हिंदू विवाह अधिनियम लिव इन रिलेशन को पत्नी नहीं मनाता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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बेंगलुरु का लिव-इन का एक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। लिव-इन में रह रही पार्टनर ने पुरुष पार्टनर पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया। जबकि कानून के हिसाब से हिंदू धर्म में एक पत्नी हो सकती है। वही पति और उसके परिजनों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा सकती है। मामले में जज संजय करोल और जज एन के सिंह की पीठ ने डॉ लोकेश बीएच की याचिका पर सुनवाई की।

बता दें कि बेंगलुरु के लोकेश ने फरवरी 2000 में नवीना से शादी की थी। आरोप है कि इसके बाद साल 2010 में लोकेश ने तीर्थ नामक महिला से भी शादी की। कानूनी रूप से यह अवैध है। तीर्थ ने साल 2016 में दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही लोकेश पर जलाने के प्रयास का आरोप भी लगा। मामले में तीर्थ ने घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराया।

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मामले में आरोपी लोकेश ने कहा कि तीर्थ से उनका कोई कानूनी वैवाहिक संबंध नहीं है। लोकेश ने बेंगलुरु की एक पारिवारिक अदालत में मुकदमा भी दर्ज किया। साथ ही यह साबित किया गया कि कथित घटना के दिन लोकेश अस्पताल में ड्यूटी पर थे। कर्नाटक हाई कोर्ट ने लोकेश की याचिका खारिज कर दी। याचिका में लोकेश ने अपने खिलाफ चल रही कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।

अब सवाल उठता है कि क्या एक महिला किसी विवाहित व्यक्ति के साथ लिव-इन में है और उसकी वैधानिक पत्नी जीवित है तो क्या लिव-इन पार्टनर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कर सकती है? क्या हाई कोर्ट के रवैया से यह लीगल लगने लगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसपर ब्रेक लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गंभीरता से विचार करने का फैसला किया है। अभी तक कानूनी रूप से हिंदू विवाह अधिनियम के तहत केवल एक पत्नी ही अपने पति या उसके रिश्तेदारों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा सकती है।

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सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी को सहयोग करने के लिए कहा। साथ ही कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता नीना नरिमन को ‘एमिकस क्यूरी’ (अदालत का मित्र) नियुक्त किया है।

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लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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