Kerosene Sale Purchase Rules: मिडिल ईस्ट की जंग के कारण देश में कुकिंग गैस LPG का संकट गहराया है। लेकिन सरकार ने इसकी मांग को कम करने और ग्रमीणों को ईंधन का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए केरोसिन ऑयल पर लगा बैन हटाया है। अब अगले 60 दिन तक 21 राज्यों के प्रत्येक जिले में 2 पेट्रोल पंपों को केरोसिन ऑयल बेचने की परमिशन मिलेगी।

केंद्र सरकार के साफ-साफ आदेश हैं कि निर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन करके ही केरोसिन बेचा और खरीदा जाएगा। इसलिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील देकर जरूरतमंदों तक केरोसिन सप्लाई करने को कहा है।

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इन 5 शर्तों पर मिलेगा केरोसिन

1. केरोसिन सिर्फ खाना बनाने और बिजली-रोशनी के लिए मिलेगा

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2. एक पेट्रोल पंप पर 5000 लीटर से ज्यादा केरोसिन का स्टॉक नहीं होनाचाहिए।

3. केरोसिन के स्टॉक, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का पूरा मैन्युअल और ऑनलइन रिकॉर्ड रखना होगा।

4. जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को समय-समय पर केरोसिन को लेकर बनी व्यवस्था की जांच करनी होगी।

5. पेट्रोल पंपों को सरकारी आदेशों, सेफ्टी प्रोटोकॉल और गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा।

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केरोसिन के लिए नियमों में ये छूटी मिलेगी

1. केरोसिन बांटने वाले राशन डिपो होल्डर्स, डीलर, एजेंसी लाइसेंस बनवा सकेंगे।

2. केरोसिन एजेंट से डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचाने वाले टैंकर ड्राइवर लाइसेंस बनवा सकेंगे।

3. पेट्रोल पंपों पर सिर्फ 60 दिन तक केरोसिन बेचा जाएग, यानी अस्थायी छूट मिलेगी।

सरकार ने केरोसिन से बैन क्यों हटाया?

केंद्र सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जंग चल रही है। इससे होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा मंडरा गया है। इलिए अरब देशों से भारत को कच्चे तेल की पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही। शहरों में LPG सप्लाई करनी पड़ेगी। लेकिन गांवों में रहने वालों को ईंधन का विकल्प उपलब्ध कराना होगा। यूं तो मिट्टी का चूल्हा विकल्प भी है उनके पास, लेकिन यह विकल्प भी सभी ग्रामीणों के पास नहीं, इसलिए केरोसिन को LPG का विकल्प बनाया गया है, जो लोगों को LPG से कहीं ज्यादा सस्ता मिलेगा। ग्रामीणों और गरीब तबके के लोगों के लिए केरोसिन से बैन हटाया गया है।

देश में LPG को लेकर वर्तमान स्थित क्या?

केंद्र सरकार के अनुसार, देश में कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक है। पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है। रिफाइनरियों ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा दी है और घरेलू खपत को देखते हुए रिफाइनरियों को LPG का ज्यादा उत्पादन करने को कहा गया है। लेकिन LPG की मांग को कम करने के लिए लोगों को, होटल-रेस्टोरेंट वालों को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। फिलहाल घरों में 100 प्रतिशत और कमर्शियल सेक्टर में 80 प्रतिशत गैस सप्लाई की जा रही है। PNG कनेक्शन लेने वालों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।

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भारत में केरोसिन पर कब-क्यों लगा था बैन?

बता दें कि केंद्र सरकार ने साल 2014 से 2020 के बीच चरणबद्ध तरीके से केरोसिन ऑयल को बैन किया था। साल 2015 के बाद जब उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना आई। LPG और इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन की मांग बढ़ी तो पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) और राशन की दुकानों पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) की बिक्री रोकी गई। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ ने सबसे पहले खुद को केरोसिन फ्री स्टेट घोषित किया था। केरोसिन पर बैन लगाने का मकसद प्रदूषण कम करना, पेट्रोल और डीजल में इसकी मिलावट पर रोक लगाना और सब्सिडी का बोझ घटाना था। 2020 तक केरोसिन ऑयल मार्केट से पूरी तरह गायब हो गया था।