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Explainer: केरोसिन ऑयल खरीदने और बेचने के लिए क्या हैं नियम? केंद्र सरकार ने कब और क्यों लगाया था बैन

Kerosene Oil: केंद्र सरकार ने केरोसिन ऑयल पर लगा बैन हटा दिया है। 60 दिन तक ग्रामीणों को मिट्टी का तेल यानी केरोसिन ऑयल उपलब्ध कराने का आदेश राज्य सरकारों को दिया है। इसके लिए सरकार ने कुछ नियम और दिशा-निर्देश लागू किए हैं, जिन्हें फॉलो करते हुए ही केरोसिन ऑयल बेचा और खरीदा जाएगा।

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कोरोसिन ऑयल 2020 से मार्केट से गायब है।

Kerosene Sale Purchase Rules: मिडिल ईस्ट की जंग के कारण देश में कुकिंग गैस LPG का संकट गहराया है। लेकिन सरकार ने इसकी मांग को कम करने और ग्रमीणों को ईंधन का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए केरोसिन ऑयल पर लगा बैन हटाया है। अब अगले 60 दिन तक 21 राज्यों के प्रत्येक जिले में 2 पेट्रोल पंपों को केरोसिन ऑयल बेचने की परमिशन मिलेगी।

केंद्र सरकार के साफ-साफ आदेश हैं कि निर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन करके ही केरोसिन बेचा और खरीदा जाएगा। इसलिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील देकर जरूरतमंदों तक केरोसिन सप्लाई करने को कहा है।

इन 5 शर्तों पर मिलेगा केरोसिन

1. केरोसिन सिर्फ खाना बनाने और बिजली-रोशनी के लिए मिलेगा

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2. एक पेट्रोल पंप पर 5000 लीटर से ज्यादा केरोसिन का स्टॉक नहीं होनाचाहिए।

3. केरोसिन के स्टॉक, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का पूरा मैन्युअल और ऑनलइन रिकॉर्ड रखना होगा।

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4. जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को समय-समय पर केरोसिन को लेकर बनी व्यवस्था की जांच करनी होगी।

5. पेट्रोल पंपों को सरकारी आदेशों, सेफ्टी प्रोटोकॉल और गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा।

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केरोसिन के लिए नियमों में ये छूटी मिलेगी

1. केरोसिन बांटने वाले राशन डिपो होल्डर्स, डीलर, एजेंसी लाइसेंस बनवा सकेंगे।

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2. केरोसिन एजेंट से डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचाने वाले टैंकर ड्राइवर लाइसेंस बनवा सकेंगे।

3. पेट्रोल पंपों पर सिर्फ 60 दिन तक केरोसिन बेचा जाएग, यानी अस्थायी छूट मिलेगी।

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सरकार ने केरोसिन से बैन क्यों हटाया?

केंद्र सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जंग चल रही है। इससे होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा मंडरा गया है। इलिए अरब देशों से भारत को कच्चे तेल की पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही। शहरों में LPG सप्लाई करनी पड़ेगी। लेकिन गांवों में रहने वालों को ईंधन का विकल्प उपलब्ध कराना होगा। यूं तो मिट्टी का चूल्हा विकल्प भी है उनके पास, लेकिन यह विकल्प भी सभी ग्रामीणों के पास नहीं, इसलिए केरोसिन को LPG का विकल्प बनाया गया है, जो लोगों को LPG से कहीं ज्यादा सस्ता मिलेगा। ग्रामीणों और गरीब तबके के लोगों के लिए केरोसिन से बैन हटाया गया है।

देश में LPG को लेकर वर्तमान स्थित क्या?

केंद्र सरकार के अनुसार, देश में कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक है। पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है। रिफाइनरियों ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा दी है और घरेलू खपत को देखते हुए रिफाइनरियों को LPG का ज्यादा उत्पादन करने को कहा गया है। लेकिन LPG की मांग को कम करने के लिए लोगों को, होटल-रेस्टोरेंट वालों को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। फिलहाल घरों में 100 प्रतिशत और कमर्शियल सेक्टर में 80 प्रतिशत गैस सप्लाई की जा रही है। PNG कनेक्शन लेने वालों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।

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भारत में केरोसिन पर कब-क्यों लगा था बैन?

बता दें कि केंद्र सरकार ने साल 2014 से 2020 के बीच चरणबद्ध तरीके से केरोसिन ऑयल को बैन किया था। साल 2015 के बाद जब उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना आई। LPG और इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन की मांग बढ़ी तो पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) और राशन की दुकानों पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) की बिक्री रोकी गई। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ ने सबसे पहले खुद को केरोसिन फ्री स्टेट घोषित किया था। केरोसिन पर बैन लगाने का मकसद प्रदूषण कम करना, पेट्रोल और डीजल में इसकी मिलावट पर रोक लगाना और सब्सिडी का बोझ घटाना था। 2020 तक केरोसिन ऑयल मार्केट से पूरी तरह गायब हो गया था।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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