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Kamya Kartikeyan: рдореБрдВрдмрдИ рдХреА рд░рд╣рдиреЗ рд╡рд╛рд▓реА 16 рд╕рд╛рд▓ рдХреА рдХрд╛рдореНрдпрд╛ рдХрд╛рд░реНрддрд┐рдХреЗрдпрди рдиреЗ рдорд╛рдЙрдВрдЯ рдПрд╡рд░реЗрд╕реНрдЯ рдлрддрд╣ рдХрд░рдХреЗ рдЗрддрд┐рд╣рд╛рд╕ рд░рдЪ рджрд┐рдпрд╛ рд╣реИред рд╡реЛ рдРрд╕рд╛ рдХрд░рдиреЗ рд╡рд╛рд▓реА рджреБрдирд┐рдпрд╛ рдХреА рджреВрд╕рд░реА рд╕рдмрд╕реЗ рдХрдо рдЙрдореНрд░ рдХреА рд▓рдбрд╝рдХреА рдмрди рдЧрдИ рд╣реИрдВред рддреЛ рдЖрдЗрдП рдЬрд╛рдирддреЗ рд╣реИрдВ рдЫреЛрдЯреА рд╕реА рдЙрдореНрд░ рдореЗрдВ рдЗрддрдирд╛ рдмрдбрд╝рд╛ рдХрд╛рд░рдирд╛рдорд╛ рдХрд░рдиреЗ рд╡рд╛рд▓реА рдХрд╛рдореНрдпрд╛ рдХрд╛рд░реНрддрд┐рдХреЗрдпрди рдЖрдЦрд┐рд░ рдХреМрди рд╣реИрдВ?

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Kamya Karthikeyan: 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे अमूमन स्कूल पूरा करने के बाद करियर के बारे में सोचना शुरू करते हैं। मगर मुंबई के एक स्कूल में पढ़ने वाली काम्या कार्तिकेयन ने महज 16 साल की उम्र में इतिहास रच दिया है। वो दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाली दूसरी सबसे कम उम्र की लड़की बन गई हैं।

12वीं की छात्र हैं काम्या कार्तिकेयन

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काम्या कार्तिकेयन मुंबई के नेवी चिल्ड्रन स्कूल में कक्षा 12वीं की छात्र हैं। काम्या के पिता भी भारतीय जल सेना में अफसर हैं। सोमवार की सुबह काम्या उस वक्त लाइमलाइट में आ गईं, जब उनके माउंट एवरेस्ट चढ़ने की खबर सामने आई। काम्या ने अपने पिता के साथ 3 अप्रैल को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू की थी और 20 मई को वो 8,849 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंच गईं। हालांकि एवरेस्ट जीतने से पहले भी काम्या ने कई बड़े पहाड़ों को फतह किया है।

 

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सात साल की उम्र में शुरू की ट्रेकिंग

सात साल की उम्र में जहां बच्चों का बचपन खेल-कूद और पढ़ाई में बीतता है, वहीं काम्या कार्तिकेयन ने महज सात साल में ही पहाड़ चढ़ने शुरू कर दिए थे। 2015 में उन्होंने 12 हजार फीट ऊंचा चंद्रशिला पर्वत फतह किया था। काम्या की ट्रेकिंग का सिलसिला तभी से जारी है। इसके बाद उन्होंने हर की दून (13,500 फीट), केदारकांठा (13,500 फीट) और रूपकुंड लेक (16,400 फीट) को भी जीता। 2017 में वो नेपाल में मौजूद 17,600 फीट ऊंचे एवरेस्ट के बेस कैंप तक भी गईं। 2019 में उन्होंने भृगु लेक (14,100 फीट) और हिमाचल प्रदेश में मौजूद 13,850 फीट ऊंचे सर पास का भी ट्रेक पूरा किया था।

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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरुस्कार जीता

छोटी सी उम्र में इतिहास रचने वाली काम्या कार्तिकेयन के ऐडवेंचर्स का खर्च टाटा स्टील एडवेंचर फंड (TSAF) उठाती है। TSAF के अनुसार 3 अप्रैल को काम्या अपनी टीम के साथ काठमांडू पहुंची थीं। ट्रेकिंग की सारी जानकारी हासिल करने के बाद काम्या ने एवरेस्ट बेस कैंप से आगे की चढ़ाई शुरू की और सोमवार को 20 मई की सुबह वो एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच गईं। बता दें कि काम्या को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरुस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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काम्या का अगला लक्ष्य

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काम्या कार्तिकेयन का लक्ष्य सातों महादेशों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करना है। माउंट एवरेस्ट चढ़ने के साथ काम्या ने 6 महादेशों की सबसे ऊंची चोटी पर जीत का परचम लहरा दिया है। 2020 में उन्होंने लैटिन अमेरिका के माउंट
एकांकागुआ को जीता था और ऐसा करने वाली काम्या दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की बन गई थीं। अब उनका अगला लक्ष्य अंटार्कटिक का माउंट विंसन मसिफ है। काम्या इसी साल दिसंबर में अंटार्कटिक का ये ट्रेक शुरू करेंगी।

First published on: May 24, 2024 11:23 AM

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