नई दिल्ली: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। मांझी और शाह की ये मुलाकात ऐसे वक्त में हो रही है जब नीतीश कुमार भी दिल्ली में हैं और विपक्षी को एकजुट करने में लगे हैं। नीतीश कुमार ने देश के कई पार्टियों के प्रमुखों के साथ बैठक की है। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांझी की मुलाकात ने सियासी अटकलबाजियों को तेज कर दिया।

अमित शाह से क्यों मिले मांझी?

हालांकि सारी अटकलों को खुद मांझी ने खारिज किया। अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री बनें तो यह बेहद स्वर्णिम होगा। मांझी ने कहा, मैं साफ कर देता हूं कि जो राजनीति में कभी नहीं हुई है वह बात हमने की है। हमने भावुक कसम खाई है कि हम नीतीश कुमार के साथ रहेंगे, इसके बाद भी कोई सवाल उठाता है तो मैं समझता हूं कि यह बेईमानी है। मैं नीतीश कुमार के साथ हूं और रहूंगा, इसमें कहीं कोई दो मत नहीं है।

विज्ञापन

नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री बनने और उनकी क्षमता के सवाल पर मांझी ने कहा, नीतीश कुमार में सारी क्षमताएं हैं, योग्यताएं हैं, अनुभव और इमानदारी है। आज तक बेईमानी की कोई उंगली नहीं उठी है। अगर भारत के प्रधानमंत्री के लिए विरोधी दल के लोग उनका नाम लेते हैं तो इससे अच्छा नाम नहीं हो सकता।

विज्ञापन

बिहार का सियासी पारा बढ़ेगा?

मांझी की पार्टी नीतीश कुमार की महागठबंधन सरकार में शामिल है, ऐसे में उनकी अमित शाह से मुलाकात के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे है। हालांकि उन्होंने इसे गलत बताया। मांझी ने इसे गैर-राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि “माउंटेन मैन” दशरथ मांझी और बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग को लेकर अमित शाह से मिले।

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ