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देश

झेलम का कहर बर्दाश्त नहीं कर पाएगा पाकिस्तान, पानी बढ़ने से POK से पंजाब प्रांत तक बढ़ी टेंशन

झेलम नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से पाकिस्तान में बाढ़ आने का खतरा मंडरा गया है। इससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है, क्योंकि झेलम नदी पाक अधिकृत कश्मीर से होते हुए पंजाब प्रांत तक बहती है और इसके किनारे कई गांव बसे हैं। वहीं झेलम नदी पर कश्मीर घाटी में एग्रीकल्चर और टूरिज्म सेक्टर निर्भर करता है।

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Apr 27, 2025 08:50
Jhelum River

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि सस्पेंड कर दी। अब सिंधु की सहायक नदी झेलम में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और POK के कई इलाकों के बाढ़ में डूबने का खतरा मंडरा गया है, जिससे पाकिस्तान बौखला गया है। मुजफ्फराबाद के डिप्टी कमिश्नर मुदस्सर फारूक ने वाटर इमरजेंसी लागू करके झेलम नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह दिया है।

पाकिस्तान ने भारत पर बिना सूचित किए जानबूझकर झेलम नदी में 22000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आरोप लगाया है। झेलम नदी में पानी बढ़ने से पाकिस्तान बौखला गया है, क्योंकि झेलम नदी पाकिस्तान के POK से पंजाब प्रांत तक बहती है। पाकिस्तान के कई गांव इसके किनारे बसे हैं, जिन्हें अकसर इस नदी में बाढ़ आने से नुकसान उठाना पड़ता है, फिर भी यह नदी पाकिस्तान के लिए बेहद जरूरी है, आइए जानते हैं कैसे…

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नदी का उद्गम और विलय

झेलम नदी उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप में बहने वाली दक्षिण एशिया की प्रमुख नदी है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच बहते हुए चिनाब दरिया में समा जाती है। झेलम नदी जम्मू कश्मीर में अनंतनाग में पीर पंजाल की पहाड़ियों से निकलकर बहने वाले वेरीनाग झरने से निकलती है। भारत के जम्मू कश्मीर, पाक अधिकृत कश्मीर, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत में बहती है। फिर पंजाब प्रांत के झंग जिले में त्रिम्मू नामक स्थान पर चिनाब नदी में समा जाती है। चिनाब नदी आगे जाकर सिंधु नदी में समा जाती है।

नदी का नाम, बहाव क्षेत्र

झेलम नदी को संस्कृत में वितास्ता और कश्मीरी में व्येथ कहा जाता है। इस नदी का जिक्र वेदों में भी है। ग्रीक भाषा में इस नदी को ‘हायडेसपीज’ (Hydaspes) कहा जाता है। झेलम नदी सिंधु की सहायक नदी है, जो उन 5 नदियों में से एक हे, जिनके नाम पर पंजाब नाम पड़ा। झेलम नदी की कुल लंबाई 725 किलोमीटर (450 मील) है। झेलम नदी की सहायक नदियां चिनन, शालू, कुड, गानन हैं। झेलम नदी के किनारे भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला, सोपोर, अवंतीपुरा और पंपोर जैसे शहर बसे हैं। पाकिस्तान के पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद, न्यू मीरपुर शहर बसे हैं और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का झांग शहर बसा है।

 

नदी का महत्व

झेलम नदी पर 2 बांध उरी और मंगला बांध बने हैं। नदी पर 3 पुल जीरो ब्रिज, झेलम ब्रिज और कोहाला ब्रिज बने हैं। झेलम नदी कश्मीर घाटी के लिए जीवन रेखा है, जो सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए भी महत्वपूर्ण है। झेलम नदी के पानी का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में खेती बाड़ी करने के लिए भी किया जाता है। झेलम नदी के किनारे बसे जम्मू कश्मीर के 6 शहर टूरिज्म के लिहाज से काफी अहम हैं।

झेलम नदी के किनारे वनस्पतियों और जीवों के लिए प्रसिद्ध हैं। सिंधु जल संधि की शर्तों के तहत झेलम का पानी पाकिस्तान को आवंटित किया गया है। झेलम नदी में खानाबल में मिरगुंड गांव के पास लिद्दर नदी, अनंतनाग के संगम पर वेशॉ नदी, शादीपुरा में सिंध नदी, सोपोर में दोआबगाह में पोहरू नदी मिल जाती है।

First published on: Apr 27, 2025 08:50 AM

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