मध्य प्रदेश के इंदौर से जुड़े बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक भावुक और हैरान कर देने वाला मोड़ आया है. इस घटना ने एक बार फिर पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है. परिवार में एक नवजात बच्चे का जन्म हुआ है, जिसे परिजन किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, ये बच्चा उसी परिवार में जन्मा है, जिसने कुछ महीने पहले राजा रघुवंशी को एक साजिश के तहत खो दिया था. सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जिस दिन और लगभग जिस समय राजा की मौत हुई थी, उसी दिन और लगभग उसी समय इस बच्चे का जन्म हुआ है. इस संयोग ने परिवार को भावुक कर दिया है.
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परिवार का क्या कहना है?
परिवार के सदस्यों का कहना है कि ये कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि भगवान का इशारा है. उनका मानना है कि राजा रघुवंशी किसी ना किसी रूप में वापस उनके बीच लौट आए हैं. यही वजह है कि परिवार ने नवजात बच्चे का नाम भी राजा ही रख दिया है. बताया जा रहा है कि राजा रघुवंशी की मौत दोपहर करीब 2:40 बजे हुई थी, जबकि नवजात का जन्म लगभग उसी समय, कुछ ही मिनटों के अंतर से हुआ. समय और तारीख के इस अद्भुत मेल ने पूरे परिवार को सोचने पर मजबूर कर दिया है और वो इसे एक दैवीय संयोग मान रहे हैं.
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'पुजारी ने की थी भविष्यवाणी'
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि राजा की मृत्यु के बाद एक पुजारी ने भविष्यवाणी की थी कि उनकी आत्मा परिवार में ही दोबारा जन्म ले सकती है. अब नवजात के पैदा होने के बाद परिवार को लगता है कि वो भविष्यवाणी सच हो गई है. हालांकि, इस खुशी के माहौल के बीच परिवार का दर्द अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अभी भी जारी है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है. परिजन चाहते हैं कि इस मामले की सुनवाई तेज हो और आरोपियों को कड़ी सजा मिले. आपको बता दें कि साल 2025 में राजा रघुवंशी की हत्या का मामला सामने आया था, जब वो अपनी पत्नी के साथ मेघालय घूमने गए थे. बाद में उनका शव एक खाई में मिला और जांच में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ. इस मामले में उनकी पत्नी समेत कई लोगों को आरोपी पाया गया है और पुलिस ने इसे एक प्लान मर्डर बताया है.
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