गर्मियों की छुट्टियों में विदेश यात्रा का प्लान बना रहे भारतीय सैलानियों के लिए एक बड़ा झटका लगा है. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अचानक अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बड़ी कटौती करने का फैसला लिया है. कंपनी आगामी 1 जुलाई से हांगकांग और शंघाई सहित छह प्रमुख विदेशी शहरों के लिए अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने जा रही है.

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब समर वेकेशन के कारण उड़ानों में भारी भीड़ देखी जा रही है. कंपनी ने इसके पीछे कमजोर मांग और लगातार बढ़ रहे ऑपरेशनल खर्च को मुख्य वजह बताया है.

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3 महीने तक नहीं उड़ेंगे विमान

इंडिगो की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के प्रमुख पर्यटन और व्यापारिक केंद्रों को जोड़ने वाले इन रूटों पर सेवाएं अस्थायी तौर पर रोक दी जाएंगी. लंगकावी (मलेशिया), क्राबी (थाईलैंड), हो ची मिन्ह सिटी (वियतनाम), हांगकांग और शंघाई के लिए 1 जुलाई से उड़ान बंद होंगी. वहीं, सिएम रीप (कंबोडिया) के लिए 3 जुलाई से उड़ानें बंद होंगी.

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कंपनी ने साफ किया है कि इन सभी 6 रूटों पर उड़ानें 30 सितंबर 2026 तक बंद रहेंगी. इसके बाद त्योहारों के सीजन को देखते हुए 1 अक्टूबर 2026 से इन रूट्स पर बुकिंग दोबारा शुरू की जाएगी. हालांकि, एयरलाइन ने यह भी कहा है कि यदि बाजार की स्थिति और मांग में पहले सुधार होता है, तो सेवाएं निर्धारित तारीख से पहले भी बहाल हो सकती हैं.

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ईरान युद्ध की मार

यह घोषणा इंडिगो द्वारा मैनचेस्टर की उड़ानें 31 अगस्त से बंद करने के फैसले के ठीक दो दिन बाद आई है. असल में, ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में लंबे समय से कड़े प्रतिबंध लागू हैं. कई प्रमुख हवाई गलियारे बंद होने की वजह से विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है.

लंबे रूट की वजह से उड़ानों के समय में काफी बढ़ोतरी हुई है और विमानन ईंधन के खर्च समेत कुल परिचालन लागत आसमान छूने लगी है. यही वजह है कि दिल्ली और मुंबई से पिछले साल ही शुरू की गई मैनचेस्टर जैसी लंबी दूरी की उड़ानें अब कंपनी के लिए व्यावसायिक रूप से घाटे का सौदा साबित हो रही थीं.

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बता दें, इस कटौती के बावजूद एयरलाइन हर हफ्ते 1,800 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जारी रखेगी.