Vande Bharat Train New Project: पिछले कुछ साल में भारतीय रेलवे के इतिहास में कई इतिहास रचे गए. नई सुविधाओं के साथ नई ट्रेनों का दौर स्वर्णिम इतिहास में लिखा गया. अभी भी भारतीय रेलवे बदलाव की ओर अग्रसर है. खासकर नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेन को लेकर रेलवे 3 प्रयोग कर चुका है और चौथी पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेन दौड़ाने की प्लानिंग रेलवे की है.
#WATCH | Visuals of the India's first Vande Bharat Sleeper Train, which will be flagged off between Howrah and Guwahati (Kamakhya) by Prime Minister Narendra Modi today pic.twitter.com/j6MVii3Dls
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) January 17, 2026
हादसों को रोकेंगी नई पीढ़ी की ट्रेनें
वंदे भारत 4.0 प्रोजेक्ट तैयार किया गया है, जो अगले साल लॉन्च करने की तैयारी रेलवे की है. इस प्रोजेक्ट के तहत रेलवे का मकसद ट्रेन हादसों को रोकना होगा और लंबी दूसरी की वंदे भारत ट्रेनें दौड़ाना होगा. ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा के लिए दुनिया के बेहतरीन मानकों को अपनाकर नई सदी का आधुनिक सुरक्षा कवच चौथी पीढ़ी वाली ट्रेनों में इस्तेमाल किया जाएगा.
दुनिया की सबसे ज्यादा स्पीड होगी
बता दें कि वंदे भारत 4.0 ट्रेनों की स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो भारत को दुनिया की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेनों की लाइन में खड़ा कर देगी. इन ट्रेनों को ‘डेडीकेटेड हाई-स्पीड कॉरिडोर’ के लिए डिजाइन किया जा रहा है. जैसे मुंबई-अहमदाबाद रूट पर इस ट्रेन को दौड़ाया जाएगा, उसके बाद ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में वंदे भारत को ले जाने की तैयारी होगी.
Vande Bharat Express: Modernising Inter-City Rail Mobility in India
— PIB India (@PIB_India) January 16, 2026
💠Vande Bharat 4.0 is envisaged to incorporate Kavach 5.0, the next evolution of India’s indigenously developed Automatic Train Protection system, as part of its advanced safety and technology framework
💠Vande… pic.twitter.com/6GS4GXuPAH
लॉन्च हुआ ट्रेन का स्लीपर वेरिएंट
भारत में फरवरी 2019 में पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेनसेट लॉन्च हुई थी. सितंबर 2022 में इन ट्रेनों में सिक्योरिटी फीचर्स एड किए गए और साल 2025 में एनर्जी पॉवर और यात्री सुविधाओं में सुधार किया गया. साल 2026 में वंदे भारत का स्लीपर वेरिएंट लॉन्च किया जा रहा है, जो रात में चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेन होगी, वहीं साल 2027 में ट्रेन का सबसे एडवांस वर्जन लॉन्च होगा.
ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन खासियत
बता दें कि केंद्रीय रेल मंत्रालय और भारतीय रेलवे का टारगेट साल 2047 तक देशभर में 4500 वंदे भारत ट्रेनें दौड़ाने का है. वहीं वंदे भारत 4.0 केवल रफ्तार के मामले में ही नहीं, बल्कि सिक्योरिटी के मामले में सबसे एडवांस होगी. इसमें देश में ही बना ‘ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन’ सिस्टम कवच 5.0 इंस्टॉल किया जाएगा, जो ट्रेनों को आपस में टकराने से रोकेगा. सिग्नल जंप होने पर अपने आप ब्रेक लगाएगा और ओवरस्पीडिंग को भी कंट्रोल करेगा.
🚨PM Modi to launch India's first Vande Bharat Sleeper in West Bengal today. pic.twitter.com/t8JJrmVJ4s
— Indian Infra Report (@Indianinfoguide) January 17, 2026
वंदे भारत में होंगी ये सभी सुविधाएं
ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम में ब्रेक लगाते समय जो एनर्जी पैदा होगी, वह ग्रिड में जाएगी, जिससे ट्रेन चलेगी और बिजली की बचत होगी. ‘सेमी-परमानेंट कपलर’ और बेहतर सस्पेंशन का इस्तेमाल नई वंदे भारत ट्रेन में किया जाएगा, जिससे हाई-स्पीड होने पर यात्रियों को झटके नहीं लगेंगे. वंदे भारत 4.0 में हवा को कीटाणुरहित करने के लिए स्वदेशी UV-C लैंप बेस्ड डिसइन्फेक्शन सिस्टम, सीलबंद गैंगवे और ऑटोमैटिक प्लग डोर भी लगाया जाएगा.
लोगों की लाइफलाइन बनाना लक्ष्य
4.0 पीढ़ी की ट्रेनों में शौचालय और बैठने का अरेंजमेंट होगा. हर कोच में CCTV कैमरे और चालक दल से बात करने के लिए इमरजेंसी टॉक यूनिट सिस्टम भी लगेगा. कुल मिलाकर रेलवे की प्लानिंग वंदे भारत ट्रेनों को रेलवे और लोगों की लाइफलाइन बनाने की है.










