राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही को देखते हुए राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और पड़ोसी देश के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता से खड़ा है. मध्य नेपाल के कई जिले बुधवार को तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए, जिससे कम से कम 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. 105 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं. सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 95 शव बरामद किए गए हैं.
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राष्ट्रपति मुर्मू ने क्या कहा?
राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत इस आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए नेपाल सरकार के रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने को तैयार है. राष्ट्रपति ने कहा, ''मैं आज अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही को लेकर नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और नेपाल के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं. हम इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता से खड़े हैं.'' अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए. इसके बाद बाढ़ ने धादिंग, नुवाकोट और चितवन जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया. लापता लोगों में से ज्यादातर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया. प्रधानमंत्री मोदी ने हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भी आश्वासन दिया. वहीं, काठमांडू में भारतीय दूतावास ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं. किसी भी तरह की मदद के लिए वहां फंसे भारतीय हेल्पलाइन नंबर- +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 पर कॉल कर सकते हैं.
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