भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में सीमा पर गोलीबारी रोकने को लेकर हुए समझौते के दो दिन बाद जम्मू-कश्मीर में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को पुंछ के सरकारी अस्पताल का दौरा किया और हाल ही में सीमा पार से हुई गोलीबारी में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। अस्पताल में उन्होंने घायलों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।
शहीद BSF जवान को दी श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर के R.S. पुरा सेक्टर में 10 मई को पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में BSF के जवान दीपक चिंगाखम शहीद हो गए। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश को उनकी शहादत पर गर्व है। इस हमले के बाद प्रदेश में तनाव का माहौल था, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम समझौते के चलते अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। सरकार की ओर से लगातार कोशिश की जा रही है कि सीमा पर शांति बनी रहे और आम नागरिक सुरक्षित रहें।
उमर अब्दुल्ला ने घायलों से मिलकर बढ़ाया हौसला
संघर्षविराम समझौते के दो दिन बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ के सरकारी अस्पताल का दौरा किया। वहां उन्होंने सीमा पार से हुई गोलीबारी में घायल लोगों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उमर अब्दुल्ला की इस पहल से पीड़ितों और उनके परिजनों में उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सक्रियता से यह संदेश गया है कि सरकार जनता के साथ खड़ी है।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सरकार ने दिखाया साथ
मुख्यमंत्री ने सिर्फ घायलों से ही नहीं, बल्कि उन परिवारों से भी मुलाकात की जिन्होंने इस गोलीबारी में अपनों को खो दिया। उन्होंने अमरीक सिंह और अमरजीत सिंह के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मृतक जाकिर हुसैन के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है और बाकी सहायता जल्द दी जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और शांति बहाल करना है।
नौकरी और मुआवजा मिले प्रभावितों को
इस बीच नेशनल कांफ्रेंस के सांसद मियां अल्ताफ अहमद ने युद्धविराम समझौते का स्वागत करते हुए सरकार से मांग की है कि जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों को सरकारी नौकरी और जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को अब जमीनी स्तर पर राहत कार्यों को तेज करना चाहिए। इसी बीच भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) के बीच भी एक अहम बैठक हुई, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है। अब जम्मू-कश्मीर के लोग फिर से शांति और सुरक्षा की ओर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।