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Gandhi Jayanti 2022: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153वीं जयंती आज, पूरा देश कर रहा है बापू को नमन

Gandhi Jayanti 2022: आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153वीं जयंती है। इस मौके पर देश बापू को याद कर रहा है। हर वर्ष 2 अक्टूबर का दिन गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। गांधी जी एक महान नेता के साथ समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन निडर होकर लोगों के अधिकारों […]

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Gandhi Jayanti 2022: आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153वीं जयंती है। इस मौके पर देश बापू को याद कर रहा है। हर वर्ष 2 अक्टूबर का दिन गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। गांधी जी एक महान नेता के साथ समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन निडर होकर लोगों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया। अंग्रेजों से भारत को मुक्त करवाने वाले महात्मा गांधी के विचार आज भी लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके जन्मदिवस पर उन्हें नमन किया है और देशवासियों को उनके सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का दोबारा संकल्प लेने को कहा है।

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आपको बता दें कि महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। बाद में लोग उन्हें बापू कहकर बुलाने लगे। बापू ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत के दम पर ब्रिटश हुकूमत को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।

आइए आज हम उनके अनमोल विचारों को अपने दोस्तों और करीबियों के बीच शेयर करें और उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प लें-

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गांधी जी के अनमोल विचार

  • पाप से घृणा करो पर पापी से नहीं, क्षमादान बहुत मूल्यवान चीज है।
  • स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है खुद को औरों की सेवा में लगा देना।
  • आप तब तक यह नहीं समझ पाते कि आपके लिए कौन महत्वपूर्ण है, जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते।
  • प्रेम की शक्ति दंड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है।
  • जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो, तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है।
  • जो चाहे वह अपनी अंतरात्मा की आवाज सुन सकता है, वह सबके भीतर है।
  • व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है।
  • काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी को मार डालती है।
  • हम जिसकी पूजा करते हैं, उसी के समान हो जाते हैं।
  • अहिंसा कायरता की आड़ नहीं है, अहिंसा वीर व्यक्ति का सर्वोच्च गुण है, अहिंसा का मार्ग हिंसा के मार्ग की तुलना में कहीं ज्यादा साहस की अपेक्षा रखता है।
  • अहिंसा के बिना सत्य का अनुभव नहीं हो सकता, अहिंसा का पहला सिद्धांत हर अमानवीय चीज के प्रति असहयोग करना है।
  • धरती पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधन हमारी जरूरत पूरी करने के लिए हैं, लालच की पूर्ति के लिए नहीं।

First published on: Oct 02, 2022 07:30 AM

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