चौथी बार उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी नेताओं को कई उपहार दिए, जिसमें भारत की झलक दिखाई दी. हाल ही में पीएमओ की तरफ से उन उपहारों की तस्वीर साझा की गई, जिन्हें पीएम मोदी द्वारा उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के राष्ट्र प्रमुखों को दिया गया. इन उपहारों में आगरा की संगमरमर की नक्काशी, बनारसी रेशम, कांगड़ा की चाय, चंदन की वीणा, डोकरा कला और लद्दाखी कंबल के साथ साहित्य और खेल से जुड़ी खास चीजें शामिल हैं.
उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को क्या मिला?
उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अरिपोव को आगरा की पारंपरिक संगमरमर इनले कला से तैयार सजावटी प्लेट दी गई. सफेद संगमरमर पर नीले, हरे और लाल रंग के पत्थरों से फूल-पत्तियों की बारीक नक्काशी की गई है. यह कला पीढ़ियों से चली आ रही भारतीय कारीगरी को दर्शाती है. फूलों की आकृतियां सुंदरता, नई शुरुआत और प्रकृति के साथ सामंजस्य का प्रतीक मानी जाती हैं.
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उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को क्या मिला?
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव की पत्नी जिरोअत मिर्जियोयेवा को संगमरमर की इनले वाली एक खास संदूकची और बनारसी सिल्क स्टोल भेंट किया गया. इसमें आगरा की मार्बल इनले कला और वाराणसी की प्रसिद्ध रेशम बुनाई को एक साथ जोड़ा गया है. वहीं, राष्ट्रपति की बेटी को बारीक नक्काशी वाली फाइन सिल्वर ब्रोच दी गई, जिसमें फूलों के गुलदस्ते और हरे कैबोशॉन के साथ चमकदार पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है.
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राष्ट्रपति मिर्जियोयेव को चेस चैंपियन की स्कोरशीट
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव को दिए गए उपहारों में 2025 FIDE वर्ल्ड कप फाइनल में उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव की मूल हस्तलिखित स्कोरशीट भी शामिल रही. गोवा में खेले गए फाइनल में सिंदारोव ने चीन के वेई यी को हराकर खिताब जीता था. यह स्कोरशीट उस ऐतिहासिक मुकाबले में चली चालों की यादगार है और इसे लेदरेट कवर में सुरक्षित किया गया है. इसके अलावा राष्ट्रपति को हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी की दो प्रीमियम चाय कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी लकड़ी के नक्काशीदार बॉक्स में दी गईं. कांगड़ा चाय अपने हल्के स्वाद, फूलों जैसी खुशबू और विशिष्ट सुगंध के लिए जानी जाती है.
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इसके अलावा पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव को चंदन से बनी शत तंत्री वीणा भी भेंट की। इसे संतूर के नाम से जाना जाता है और इसका संबंध जम्मू-कश्मीर की संगीत परंपरा से है. इसका आकार उज्बेकिस्तान के पारंपरिक वाद्य 'चांग' से मिलता-जुलता है, जो दोनों देशों की संगीत परंपराओं के बीच सांस्कृतिक समानता को दर्शाता है.
किर्गिस्तान के नेताओं को भी भारतीय विरासत के तोहफे
किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री अदिलबेक कासिमालियेव को डोकरा कला से बनी पारंपरिक संगीतकारों की जोड़ी भेंट की गई. यह कला प्राचीन 'लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग' तकनीक से तैयार की जाती है. वहीं, राष्ट्रपति सदिर जापारोव को लद्दाखी 'त्सुग-दुल' कंबल और बिबेक देबरॉय द्वारा अंग्रेजी में अनूदित 10 खंडों वाली महाभारत भेंट की गई. लद्दाखी कंबल स्थानीय ऊन से तैयार किया जाता है और इसमें रंगीन ज्यामितीय और फूलों वाली आकृतियां होती हैं. महाभारत भारतीय साहित्य और दर्शन की महत्वपूर्ण विरासत है.
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