मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते होमुर्ज में समुद्री जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों को भी अपना जान गंवानी पड़ रही है. बीते दिनों यूएई के जहाज पर तैनात भारतीय क्रू मेंबर रोहन कुमार की ईरानी मिसाइल अटैक में मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूतों को तलब कर अपनी नाराजगी जाहिर की. होमुर्ज में सुरक्षा संकट के बीच केंद्र सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है.
क्या है 'सीफेयरर-फर्स्ट' पहल?
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंगलवार को सरकार ने 'सीफेयरर-फर्स्ट' पहल शुरू करने की घोषणा की. इस पहल के तहत फारस की खाड़ी, होर्मुज और ओमान की खाड़ी में यात्रा कर रहे किसी भी जहाज पर मौजूद हर भारतीय नागरिक का हिसाब रखा जाएगा, चाहे वह जहाज किसी भी देश के झंडे के नीचे क्यों न चल रहा हो.
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चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इस पहल का मकसद समुद्र में मौजूद भारतीय चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है. मंत्री ने नौवहन महानिदेशालय (DGS) को निर्देश दिया कि वह जहाज-दर-जहाज परिचालन डैशबोर्ड तैयार करे, ताकि फारस की खाड़ी, होर्मुज और ओमान की खाड़ी में मौजूद हर जहाज पर सवार हर भारतीय की जानकारी वास्तविक समय में उपलब्ध रहे.
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इन डिटेल्स का रखा जाएगा रिकॉर्ड
सरकारी प्रेस रिलीज के अनुसार इस डैशबोर्ड में जहाज की स्थिति, मालिक, कार्गो, चालक दल की संख्या, उनकी सुरक्षा-स्थिति, खतरे का आकलन, प्रस्तावित यात्रा मार्ग, अगले पड़ाव बंदरगाह और उपलब्ध सुविधाओं जैसी सभी अहम जानकारियां शामिल होंगी. गौरतलब है कि यह पहल पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री सुरक्षा संकट के बीच सामने आई है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यावसायिक जहाजों पर हमला हुआ.
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