Exit Poll Results 2026 Updates: महीनों तक चले प्रचार, रैलियों, आरोपों-प्रत्यारोपों और छिटपुट हिंसा के बीच बुधवार को 5 राज्यों, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों का ‘चुनावी शोर’ थम चुका है. इसके बाद सभी राज्यों के एग्जिट पोल के आंकड़ें सामने आए हैं. अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले नतीजों पर है.
सबसे ज्यादा नजरें बंगाल पर हैं, जहां तीन बार से ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की सरकार है. ‘टेप कांड’, ‘जहांगीर खान बनाम अजय पाल शर्मा’ और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच क्या ममता बनर्जी हैट्रिक लगाएंगी या बीजेपी का ‘सोनार बांग्ला’ का नारा काम आएगा? एग्जिट पोल यह संकेत देंगे कि क्या बंगाल में सत्ता बदलने जा रही हैं, या फिर दीदी ही सीएम की कुर्सी पर काबिज होंगी.
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें 92 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया. दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है.
पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी ने कड़ी मेहनत की है. असम में भाजपा की टक्कर कांग्रेस से है. एग्जिट पोल के आंकड़ों से अंदाजा लगेगा कि क्या हिमंता बिस्वा सरमा दोबारा से सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे. असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में 126 सीटों पर वोट डाले गए, जिसमें मतदान प्रतिशत 85.38 दर्ज किया गया, जो 2016 के 84.67 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड से ज्यादा है.
तमिलनाडु में डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके के बीच मुख्य मुकाबला है. वहीं, अन्य दलों में तमिलर काची (एनटीके) और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) भी शामिल हैं. 4 मई को घोषित होने वाले चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि क्या द्रविड़ राजनीति का यह गढ़ डीएमके के कब्जे में ही रहेगा या फिर टीवीके और एनटीके जैसी नई राजनीतिक ताकतों के उभार के चलते इसमें कोई बदलाव देखने को मिलेगा. हालांकि, एग्जिट पोल में कुछ कुछ तस्वीर साफ हो जाएगी कि तमिलनाडु में किसकी सरकार बनेगी.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में 23 अप्रैल को 234 विधानसभा सीटों पर मतदान हुए थे. चुनाव आयोग के मुताबिक, यहां 85.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
केरल में पारंपरिक रूप से हर पांच साल में सत्ता बदलती है. लेकिन क्या इस बार पिनाराई विजयन दोबारा सत्ता में लौटकर इतिहास रचेंगे या कांग्रेस नीत UDF बाजी मारेगी? सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को उम्मीद है कि उनकी सरकार दोबारा लौटेगी. इस फ्रंट की अगुवाई मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन कर रहे हैं. वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) भी पीछे नहीं है. विपक्ष का दावा है कि इस बार जनता बदलाव के मूड में है और यह चुनाव सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह साबित होगा. यहां 9 अप्रैल को हुए चुनाव में मतदान प्रतिशत 78.02 दर्ज किया गया.
पुडुचेरी में भी एनआर कांग्रेस और बीजेपी गठबंधन के भविष्य पर आज एग्जिट पोल की मुहर लगेगी. 9 अप्रैल को पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2011 के 86.19 प्रतिशत के पुराने रिकॉर्ड से काफी ज्यादा है.
एग्जिट पोल केवल एक रुझान होते हैं, असली नतीजे 4 मई 2026 को आएंगे. एग्जिट पोल के आंकड़े यह तय कर देंगे कि दिल्ली के गलियारों से लेकर राज्यों की सड़कों तक किसका पलड़ा भारी है.