दुर्गम पहाड़ी रास्ते, 2 दिन की ट्रैकिंग… कौन है वो महिला वोटर? जिसके लिए जान दांव पर लगाते हैं चुनाव अधिकारी
Voter Suktam Bam Story: अरुणाचल प्रदेश के एक गांव में सिर्फ एक महिला वोटर है, जिसका वोट डलवाने के लिए स्पेशल पोलिंग बूथ बनाया जाता है, चुनाव आयोग की टीम स्पेशल उसके गांव तक जाती है और अपनी जान दांव पर लगाती है। क्योंकि उसका गांव ऐसे इलाके में है, जहां के रास्ते काफी दुर्गम और पहाड़ी हैं।
इस महिला वोटर के लिए चुनाव आयोग की टीम अपनी जान दांव पर लगाती है।
Voter Suktam Bam Story: भारतीय चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक महिला वोटर का जिक्र किया, जो अरुणाचल प्रदेश के एक गांव की इकलौती वोटर है। हर चुनाव में उसका वोट लेने के लिए पोलिंग बूथ बनाया जाता है। चुनाव आयोग की टीम दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होते हुए 2 दिन की खतरनाक ट्रैकिंग करके अपनी जान दांव पर लगाकर पोलिंग बूथ तक जाती है और महिला का वोट डलवाती है, क्योंकि देश के लिए हर एक वोट कीमती होता है।
#WATCH | Delhi: Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar says, "…Even if a person has votes in two places, he goes to vote at only one place. Voting at two places is a legal crime, and if any person says so, then proof is required. Proof was asked but was not given…"… pic.twitter.com/ls3l5BEUiQ
बता दें कि जिस महिला वोटर का जिक्र चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया, उसका नाम सोक्तम बाम है। सोक्तम बाम अरुणाचल प्रदेश के गांव मालोगाम में रहती है और इस गांव की वह इकलौती वोटर है, जिसके लिए चुनाव आयोग की टीम जान दांव पर लगाती है। दुर्गम रास्ते पार करके उसके गांव तक जाती है। उसके घर से लगभग 4 किलोमीटर दूर जंगल में अस्थायी मतदान केंद्र बनाती है, जो भारत का सबसे छोटा पोलिंग बूथ और सिंगल फीमेल वोटर पोलिंग बूथ है।
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कहां है गांव मालोगाम?
बता दे कि गांव मालोगाम अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले की ह्यूलियांग विधानसभा सीट के अंतर्गत आता है। यह गांव अपनी एकमात्र महिला मतदाता सोक्तम बाम के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हुआ। यह गांव भारत की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है कि कोई भी वोटर, कितना भी दूरस्थ क्यों न हो, मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। यह गांव भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक अनूठा उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि चाहे एक वोट क्यों न हो, भारत के लिए हर वोट मायने रखता है।
चुनाव आयोग ने क्यों की प्रेस कॉन्फ्रेंस?
बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 होने हैं। इससे पहले चुनाव आयोग बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करा रहा है, जिस पर विपक्षी दलों RJD और कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। चुनाव से ठीक पहले SIR का गलत करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग BJP के साथ मिलकर वोटरों को उनके मताधिकार से वंचित करने का प्रयास कर रहा है, क्योंकि SIR के पहले फेज में जो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई है, उसके हेरफेर हुआ है। चुनाव आयोग ने लिस्ट से 65 लाख नाम हटाए हैं।
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लेकिन विपक्ष ने सवाल उठाया है कि आखिर 65 लाख नाम किस आधार पर हटाए गए हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA अलायंस ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की खामियों को उजागर करते हुए चुनाव आयोग और BJP पर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। इसके विरोध में गठबंधन ने मार्च तक निकाला था, जिस दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस में टकराव हुआ था। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तो चुनाव आयोग को बिहार SIR के विरोध में विधानसभा चुनाव 2025 का बहिष्कार करने तक की चेतावनी दी है।
कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने के लिए ही चुनाव आयोग ने 17 अगस्त 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।