चुनाव आयोग ने आज (15 मार्च) पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 की पूरी समय-सारिणी जारी कर दी है. पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होंगे. जिससे केंद्र शासित प्रदेश की राजनीति में नई सरकार का रास्ता साफ हो जाएगा. असम, केरल की तरह पुडुचेरी में भी 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा. अन्य राज्यों के साथ ही 4 मई को इन सभी राज्यों में मतगणना कराई जाएगी. साथ ही पुडुचेरी के चुनावी नतीजों का भी ऐलान किया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी साझा की, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने का भरोसा दिया. पुडुचेरी विधानसभा में कुल 30 निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें से अधिकांश पुडुचेरी क्षेत्र में हैं, जबकि कुछ माहे, यानम और कराईकल जैसे अलग-अलग एन्क्लेव में फैले हुए हैं. सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए न्यूनतम 16 सीटें जीतना जरूरी होगा.
यह भी पढ़ें: असम-केरल-पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इस दिन होंगे मतदान
अगर कोई गठबंधन या पार्टी 15 सीटों पर सिमट जाती है, तो समर्थन या गठबंधन की राजनीति शुरू हो सकती है. पुडुचेरी की छोटी विधानसभा होने के कारण यहां गठबंधन और स्थानीय मुद्दों की भूमिका हमेशा निर्णायक रहती है. पिछले 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखें तो एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. AINRC को 10 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा को 6 सीटें प्राप्त हुईं. दोनों मिलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत सरकार बनाई और रंगासामी मुख्यमंत्री बने.
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को 6 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटें हासिल हुईं. कांग्रेस, DMK और अन्य दलों के गठबंधन को बहुमत नहीं मिल सका. स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी 6 सीटें जीतीं, लेकिन ज्यादातर एनडीए के साथ जुड़ गए. इस चुनाव में एनडीए की जीत पुडुचेरी की राजनीति में रंगासामी की मजबूत पकड़ को दर्शाती है, जो पहले भी कई बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं.
चुनाव आयोग ने आज (15 मार्च) पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 की पूरी समय-सारिणी जारी कर दी है. पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होंगे. जिससे केंद्र शासित प्रदेश की राजनीति में नई सरकार का रास्ता साफ हो जाएगा. असम, केरल की तरह पुडुचेरी में भी 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा. अन्य राज्यों के साथ ही 4 मई को इन सभी राज्यों में मतगणना कराई जाएगी. साथ ही पुडुचेरी के चुनावी नतीजों का भी ऐलान किया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी साझा की, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने का भरोसा दिया. पुडुचेरी विधानसभा में कुल 30 निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें से अधिकांश पुडुचेरी क्षेत्र में हैं, जबकि कुछ माहे, यानम और कराईकल जैसे अलग-अलग एन्क्लेव में फैले हुए हैं. सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए न्यूनतम 16 सीटें जीतना जरूरी होगा.
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अगर कोई गठबंधन या पार्टी 15 सीटों पर सिमट जाती है, तो समर्थन या गठबंधन की राजनीति शुरू हो सकती है. पुडुचेरी की छोटी विधानसभा होने के कारण यहां गठबंधन और स्थानीय मुद्दों की भूमिका हमेशा निर्णायक रहती है. पिछले 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखें तो एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. AINRC को 10 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा को 6 सीटें प्राप्त हुईं. दोनों मिलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत सरकार बनाई और रंगासामी मुख्यमंत्री बने.
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को 6 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटें हासिल हुईं. कांग्रेस, DMK और अन्य दलों के गठबंधन को बहुमत नहीं मिल सका. स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी 6 सीटें जीतीं, लेकिन ज्यादातर एनडीए के साथ जुड़ गए. इस चुनाव में एनडीए की जीत पुडुचेरी की राजनीति में रंगासामी की मजबूत पकड़ को दर्शाती है, जो पहले भी कई बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं.