हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB

गोवा में 97 पात्र वोटरों के नाम कटे, चुनाव आयोग की सफाई-सॉफ्टवेयर में नहीं है 'रोलबैक' का विकल्प

Photo Credit: News24
विज्ञापन

गोवा में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. जांच में पूरी तरह योग्य पाए जाने के बावजूद 97 नागरिकों के नाम 21 फरवरी को जारी अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सके. इस पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने अपनी सफाई में कहा है कि उसके ‘ईसीआईनेट’ सॉफ्टवेयर में ‘रोलबैक’ की कोई तकनीकी सुविधा नहीं है. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जब ईआरओ किसी को अयोग्य पाकर नाम हटाने के लिए ‘फॉर्म 7’ पर कार्रवाई करता है तो सॉफ्टवेयर में उस फैसले को सीधे उलटने का कोई प्रावधान नहीं होता. आयोग के अनुसार, यही तकनीकी अड़चन गोवा के मामले में सामने आई.

यह भी पढ़ें : कौन हैं सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी? जिनकी आपत्तियों से चुनाव आयोग विपक्ष के निशाने पर

8 बार भेजे गए ईमेल, फिर भी नहीं जुड़ा नाम

SIR प्रक्रिया के दौरान कई मतदाताओं के रिकॉर्ड में माता-पिता या दादा-दादी के ब्योरे के मिलान में ‘लॉजिकल विसंगतियां’ मिली थीं, जिसके बाद उनके नाम काट दिए गए थे. सुप्रीम कोर्ट के 29 जनवरी के आदेश के बाद जब 649 लोगों ने दस्तावेज पेश किए तो निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (EROs) ने 97 मतदाताओं को पूरी तरह पात्र पाया. अधिकारियों ने उन्हें वापस सूची में जोड़ने की सिफारिश की. गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने 11 से 17 फरवरी के बीच दिल्ली स्थित चुनाव आयोग को 8 बार ईमेल भेजकर सॉफ्टवेयर में रोलबैक विकल्प सक्रिय करने की मांग की, लेकिन 21 फरवरी तक तकनीकी समाधान नहीं मिला और वे 97 नागरिक सूची से बाहर ही रह गए.

विज्ञापन

फॉर्म 6 में संशोधन पर भी आयोग के भीतर मतभेद

यह मामला ऐसे समय में गरमाया है जब फॉर्म 6 में नई घोषणा जोड़ने को लेकर भी विवाद जारी है. नए आवेदकों से पिछली एसआईआर सूची का पारिवारिक ब्योरा मांगा जा रहा है. आयोग के दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस पर कानूनी आपत्ति जताते हुए असहमति नोट दर्ज कराया था कि नियमों में बदलाव केवल विधि मंत्रालय की अधिसूचना से हो सकता है, प्रशासनिक आदेश से नहीं.

आयोग ने जवाब दिया कि मूल फॉर्म में बदलाव नहीं किया गया, बल्कि ‘अनुलग्नक डी’ के रूप में इसे जोड़ा गया है. साथ ही आयोग ने डेटा के केंद्रीकरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने का कानूनी अधिकार केवल ईआरओ के पास ही सुरक्षित है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : न्यू वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म-6 में क्या हुए थे बदलाव? जिन पर मचा बवाल, दोनों चुनाव आयुक्तों ने उठाए सवाल

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

Sponsored Links by Taboola