न्यू वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म-6 में क्या हुए थे बदलाव? जिन पर मचा बवाल, दोनों चुनाव आयुक्तों ने उठाए सवाल

नया वोट बनवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म-6 में हुए बदलावों पर विवाद छिड़ गया है. दोनों चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाए हैं और उन पर दोनों की मंजूरी-सहमति लिए बिना मनमर्जी से चुनाव आयोग का काम करने के आरोप लगाए हैं.

Election Commission | Gyanesh Kumar | SIR Voter Registration

चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. CREDIT: X(Election Commission of India)

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भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत नया वोट बनवाने के लिए ‘फॉर्म-6’ में बड़ा बदलाव किया था. जिसके लेकर अब देश की सियासत गरमाई हुई है और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. विपक्ष SIR, वोट चोरी के साथ-साथ अब फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर है और उन्हें फिर से पद से हटाने की मांग करने लगा है. इसके लिए विपक्ष ने उनके खिलाफ संसद में पहले पेश किए महाभियोग प्रस्ताव को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है, जो वोट चोरी के आरोप लगाते हुए अगस्त 2025 में पेश किया गया था.

फॉर्म-6 में बदलाव समेत 14 मामलों पर आपत्ति

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के 2 चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं . उन्होंने कहा कि वे पिछले 10 महीनों में 14 बार फॉर्म-6 में बदलाव समेत 14 मामलों पर लिखित असहमति और आपत्ति उनके सामने दर्ज करा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ. आरोप हैं कि मतदाता पंजीकरण नियम 1960 में संशोधन किए बिना और गजट नोटिफिकेशन के बिना किए गए बदलाव गैर-कानूनी और अनधिकृत हैं. इन बदलावों के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है और उनके वोट नहीं बन रहे, जिस वजह से वे मताधिकारी से वंचित हो गए.

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ऑनलाइन फॉर्म-6 में जोड़ गया डिक्लेरेशन फॉर्म

चुनाव आयुक्तों का आरोप है कि फॉर्म- 6 में बदलाव करके इसके ऑनलाइन वर्जन में बिना लेबल वाला एक डिक्लेरेशन फॉर्म जोड़ा गया है, जिसमें लोगों को दिए गए 3 विकल्पों में से एक चुनना होगा. पहला विकल्प यह है कि मेरा नाम पिछले SIR की वोटर लिस्ट में है. दूसरा विकल्प यह है कि माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछले SIR की वोटर लिस्ट में है. तीसरा विकल्प यह है कि न मेरा और न ही मेरे माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछले SIR की वोटर लिस्ट में है. इस नए फॉर्म को सॉफ्टवेयर (ECInet) में ऐसे जोड़ा गया है कि इसमें पूछे गए सवालों का जवाब दिए बना रजिस्ट्रेशन फॉर्म ऑनलाइन सबमिट ही नहीं हो पा रहा.

क्या कहता है चुनाव आयोग, सरकार और विपक्ष?

बता दें कि फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्तियों का मामला सामने के बाद ECI ने चुनाव आयुक्तों में मतभेदों की खबरों को खारिज किया. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि SIR से जुड़े सभी फैसले उन्होंने दोनों चुनाव आयुक्तों से विचार-विमर्श करके सहमति से ही लिए हैं. वहीं विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार SIR कराकर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटकर चुनाव परिणामों को प्रभावित करना चाहती है. इसके लिए ही फॉर्म-6 में बदलाव करने की साजिश रची गई. वहीं मामले में केंद्र सरकार का कहना है कि विपक्ष के आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं. फॉर्म-6 में ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे देश के वोटरों का नुकसान हो.

फॉर्म-6 के अलावा इन मामलों पर आपत्ति जताई

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने फॉर्म-6 में बदलाव के साथ 14 अलग-अलग में मुख्य चुनाव आयुक्त फैसलों के खिलाफ लिखित आपत्ति दर्ज कराई. इनमें मतदाता सूची के डेटाबेस के सेंट्रलाइजेशन का मामला भी है, जिसके तहत ECInet पोर्टल के जरिए वोटर लिस्टों के डेटाबेस को सीधे दिल्ली हेड ऑफिस से जोड़ा गया है. इससे चुनाव आयोग के राज्य और स्थानीय अधिकारियों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ. चुनाव आयुक्तों ने SIR के बाद आई अपीलों के मैनेजमेंट पर सवाल उठाए और कहा कि टेक्निकल ग्लिच के कारण वैध वोटरों के नाम लिस्ट में नहीं जोड़े गए.

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चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी का कहना है कि उनकी मंजूरी लिए बिना या उनके संज्ञान में डाले बिना कई आदेश पत्र और प्रशासनिक पत्र जारी कर दिए गए. नए IT मॉड्यूल और पोर्टल लॉन्च होने के बारे में भी मीडिया से पता चला. हाल ही में IT और एडमिनिस्ट्रेटिव वर्क का बंटवारा भी उनकी सहमति के बिना कर दिया गया. इस वजह से वे कामों की निगरानी नहीं कर पा रहे, यानी उनके पास कोई काम करने को नहीं बचा है. जब दोनों ने अलग-अलग लेटर लिखकर कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को मामले के बारे में बताया और शिकायत की तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने लिए गए फैसलों को तुरंत प्रभाव से बदल दिया.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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