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IndiGo को मिली यात्रियों को रुलाने की सजा! DGCA ने ठोका 22 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना

यात्रियों की परेशानी पर DGCA ने सख्त रुख अपनाया है. लगातार उड़ानों में देरी और अव्यवस्था के चलते इंडिगो पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी जुर्माना लगाया गया है.

Author Written By: Raja Alam Updated: Jan 17, 2026 21:32
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डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने शनिवार को IndiGo एयरलाइन पर 22.2 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगा दिया है. यह कार्रवाई पिछले साल दिसंबर महीने की शुरुआत में हुई उड़ानों की भारी गड़बड़ी और देरी के बाद की गई है. गौरतलब है कि 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द हुई थीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी. इस वजह से देश के विभिन्न एयरपोर्ट पर तीन लाख से ज्यादा यात्री फंसे रहे और उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसी मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार के निर्देश पर एक जांच कमेटी बनाई गई थी जिसकी रिपोर्ट के आधार पर अब यह जुर्माना तय किया गया है.

जांच कमेटी ने पकड़ी खामियां और मैनेजमेंट पर उठाए सवाल

डीजीसीए द्वारा गठित चार सदस्यीय कमेटी ने इंडिगो के नेटवर्क प्लानिंग, स्टाफ की ड्यूटी लगाने के तरीके और उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर की बारीकी से जांच की. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एयरलाइन ने अपनी परिचालन क्षमताओं से ज्यादा काम करने की कोशिश की जिससे व्यवस्था चरमरा गई. इसके अलावा रेगुलेटरी तैयारी में कमी, सिस्टम सॉफ्टवेयर में खामियां और मैनेजमेंट के स्तर पर ऑपरेशनल कंट्रोल की कमी को भी इस गड़बड़ी का मुख्य कारण माना गया है. जांच में पाया गया कि एयरलाइन की आंतरिक व्यवस्था इतनी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए तैयार नहीं थी जिसके कारण इतने बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स कैंसिल हुईं.

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50 करोड़ की बैंक गारंटी का आदेश

22.2 करोड़ रुपये के इस कुल जुर्माने में कई तरह के दंड शामिल किए गए हैं. इसमें नियमों का पालन न करने के लिए 68 दिनों का 30 लाख रुपये प्रतिदिन का हिसाब लगाया गया है. साथ ही सिस्टम की गड़बड़ी के लिए 1.8 करोड़ रुपये का एकमुश्त जुर्माना भी जोड़ा गया है. इतना ही नहीं डीजीसीए ने एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का भी आदेश दिया है. रेगुलेटर का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह हाल के समय में किसी भारतीय एयरलाइन पर लगाया गया सबसे बड़ा जुर्माना माना जा रहा है.

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इंडिगो ने क्या जवाब दिया?

इस कड़ी कार्रवाई के बाद इंडिगो ने अपना बयान जारी कर कहा है कि वे डीजीसीए के आदेश को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं और जरूरी कदम उठाएंगे. कंपनी ने बताया कि गड़बड़ी के बाद से ही उनके आंतरिक सिस्टम की मजबूती और लचीलेपन की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने. कंपनी के मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि वे अपनी 19 साल से ज्यादा की साख को बनाए रखने और यात्रियों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. इंडिगो ने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य साल 2030 तक भारत को वैश्विक उड्डयन के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करने में मदद करना है.

First published on: Jan 17, 2026 09:00 PM

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