दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली मेट्रो लाखों लोगों की लाइफ लाइन बन चुकी है, एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली मेट्रो में रोजाना लगभग डेढ़ (1.5) लोग यात्रा करते है. इन यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मा सीआईएसफ के हाथों में है. घातक हथियार बरामद करने से लेकर जीवनभर की बचत लौटाने और संकट में खोए हुए बच्चों और महिलाओं के लिए रक्षक के रूप में कार्य करने तक, सीआईएसएफ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जनता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता सुरक्षा चौकियों से कहीं आगे तक फैली हुई है.
भीड़भाड़ वाले मेट्रो स्टेशन पर बैग खोना किसी यात्री के लिए सबसे बुरा सपना होता है. फिर भी बार-बार सीआईएसएफ की खोई-पायी टीम की पूर्ण ईमानदारी और अथक मेहनत ने निराशा को राहत में बदल दिया है. आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF ने छह महीनों में सराहनीय काम करते हुए 22 लाख से अधिक की खोई हुई संपत्तियां लौटाई हैं, 69 बिछड़े हुए बच्चों को परिवारों से मिलाया है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कई अवैध हथियार भी पकड़े हैं.
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CISF की मुख्य उपलब्धियां
- खोया हुआ सामान
सीआईएसएफ की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) ने यात्रियों द्वारा भूले हुए 22.77 लाख से अधिक के बैग, लैपटॉप, आभूषण और नकदी लौटाए. इसके अलावा महत्वपूर्ण व्यावसायिक डेटा वाले 32 लैपटॉप, 68 मोबाइल फोन और 9 महंगी घड़ियां भी सुरक्षित वापस की है.
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2. बच्चों का रेस्क्यू
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मेट्रो स्टेशनों पर भटके या भागे हुए 69 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया और उन्हें सही सलामत उनके परिवारों से मिलाया गया.
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3. सुरक्षा और चौकसी
लाखों यात्रियों की भारी भीड़ के बीच, सुरक्षा बलों की पैनी नज़र के कारण संदिग्ध लोगों और अवैध हथियारों को मेट्रो परिसरों में प्रवेश करने से रोका गया है. बल की मुस्तैदी अक्सर यात्रियों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का अनुभव देती है.
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सीआईएसएफ के कमांडेंट सरोज भूपेंद्र ने न्यूज़ 24 से खास बातचीत में कहा कि दिल्ली मेट्रो एक अत्यधिक गतिशील वातावरण है जहां सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है, फिर भी मानवीय चेहरे के साथ सेवा हमारा मुख्य दर्शन है.
वहीं, सीआईएसफ के सीनियर इंस्पेक्टर धर्मवीर गुलिया ने कहा कि हमारे जवान यह सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय तक, कठिन घंटों तक अपने पैरों पर खड़े रहते हैं कि हर यात्री सुरक्षित घर लौट आए. चाहे हम खतरों के लिए बैग की जांच कर रहे हों, किसी खोए हुए बच्चे की रक्षा कर रहे हों, या किसी यात्री की मेहनत की कमाई वापस कर रहे हों, संरक्षण और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पूर्ण बनी हुई है.