Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म है या नहीं, पढ़ें हाईकोर्ट की विशेष टिप्पणी

Bombay High Court Judgement In Rape Case: शादीशुदा होने के बावजूद अफेयर हो और शारीरिक संबंध बन जाएं तो वह दुष्कर्म नहीं है। रेप केस से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए मुंबई हाईकोर्ट ने विशेष टिप्पणी की। साथ ही महिला द्वारा प्रेमी के खिलाफ दर्ज कराई गई FIR भी रद्द कर दी। पीड़िता […]

Author
Edited By : Khushbu Goyal Updated: Oct 5, 2023 14:11
High Court Judgement
High Court Judgement

Bombay High Court Judgement In Rape Case: शादीशुदा होने के बावजूद अफेयर हो और शारीरिक संबंध बन जाएं तो वह दुष्कर्म नहीं है। रेप केस से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए मुंबई हाईकोर्ट ने विशेष टिप्पणी की। साथ ही महिला द्वारा प्रेमी के खिलाफ दर्ज कराई गई FIR भी रद्द कर दी। पीड़िता और आरोपी दोनों शादीशुदा हैं और दोनों के बच्चे भी हैं। दोनों का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है।

यह भी पढ़ें: स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट उम्र साबित नहीं करता…रेप केस में हाई कोर्ट की टिप्पणी

---विज्ञापन---

मामला कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग

जस्टिस अनुजा प्रभु देसाई और जस्टिस एनआर बोरकर की बेंच ने कहा कि 2 शादीशुदा लोगों का शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं है। महिला के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का पता चलने पर पति ने घर छोड़ दिया तो महिला ने प्रेमी के खिलाफ FIR करा दी। यह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है, जबकि हालात बता रहे हैं कि दोनों ने मर्जी से संबंध बनाए थे।

यह भी पढ़ें: भारत में विवाद: 1951 के बाद नहीं हुई जातिगत जनगणना, पढ़िए 150 साल की कहानी

---विज्ञापन---

रिश्ते का पता चला तो पति छोड़ गया

बेंच ने कहा कि पीड़िता शादीशुदा है। आरोपी भी शादीशुदा है। शादीशुदा होते हुए वह उससे शादी नहीं कर सकता है। दोनों बच्चों के मां-बाप हैं। दोनों ने मर्जी से प्रेम और शारीरिक संबंध बनाए। जब तक रिश्ता छिपा रहा, ठीक रहा। अब जब रिश्ते का राज खुल गया और पति घर छोड़कर चला गया तो थाने पहुंच गई, जबकि पति को पता लगने तक संबंध सहमति से चल रहा था।

यह भी पढ़ें: ISRO के 9 वैज्ञानिकों को मिलेगा 25 लाख रुपये का इनाम, सरकारी स्कूल में पढ़े हैं 6 साइंटिस्ट

375 के तहत रेप केस नहीं बनता

बेंच ने कहा कि जब मर्जी से शारीरिक संबंध बनाए तो पति को रिश्ते का पता चलने पर प्रेमी पर आरोप लगाना ठीक नहीं। IPC की धारा 375 के तहत मर्जी से संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता। इसलिए धारा 376, 376(2), 377 और 420 के तहत दर्ज केस को रद्द किया जाता है। महिला के आरोपों से व्यक्ति के खिलाफ रेप का मामला नहीं बनता है।

First published on: Oct 03, 2023 10:09 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.