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जेल से ऑपरेट कर रहा है खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह, सेल से बरामद हुईं यह खुफिया चीजें

Amritpal Singh in Dibrugarh Central Jail: पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि डिब्रूगढ़ जेल में कुछ लोग मोबाइल फोन का यूज कर रहे हैं। इसके बाद इस बात का पता लगाने के लिए जेल में अलग से कुछ प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरा लगाए गए। कैमरों की फुटेज देखकर जेल अधिकारी हैरत में पड़ गए। जेल से मोबाइल फोन, स्पीकर और पैन ड्राइव बरामद हुआ है।

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Amritpal Singh in Dibrugarh Central Jail: असम के डिब्रूगढ़ जेल की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। दरअसल, यहां की एक सेल में मोबाइल फोन, स्पाई कैमरा समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। खास बात यह है कि यह सब खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के सेल से बरामद हुआ है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह जेल के अंदर से ही अपना नेटवर्क चला रहा था। हालांकि संवेदनशील मामला होने के चलते पुलिस इस बारे में ज्यादा जानकारी शेयर नहीं कर रही है।

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धरपकड़ के लिए जेल में लगाए गए एडिशन कैमरे

जानकारी के अनुसार जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस को इस बारे में गुप्त सूचना मिली की कुछ लोग डिब्रूगढ़ जेल के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए कुछ चुनिंदा प्वाइंट पर कैमरे सेटअप किए गए। इनकी फुटेज के आधार पर जेल में अलग-अलग जगह छापेमारी की गई। छापेमारी में शनिवार को सेल से पेन ड्राइव, स्पाई कैमरा, स्पीकर, स्मार्टवॉच, कीपैड फोन और ब्लूटूथ हेडफोन बरामद हुआ है।

जेल के अंदर से किन लोगों को किया गया फोन  

सूत्रों के अनुसार पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। जेल से किन लोगों को फोन किए गए उनकी एक पूरी लिस्ट तैयार की जा रही है। बरामद पैन ड्राइव में क्या है फिलहाल पुलिस ने इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। बता दें कि अमृतपाल सिंह अपने 9 सहयोगियों के साथ डिब्रूगढ़ की सेंट्रल जेल में बंद है। सभी लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत केस चल रहा है। बता दें अमृतपाल सिंह पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संबंध होने का आरोप लग चुका है।

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दुबई में रहते थे अमृतपाल सिंह

बता दें अमृतपाल पर कट्टरपंथी खालिस्तान समर्थक विचार और उपदेश करने का आरोप है। साल 2022 में उसने वारिस पंजाब दे संगठन का नेतृत्व करना शुरू किया था। इससे पहले वह दुबई में ट्रांसपोर्ट का काम करता था। बता दें असम की डिब्रूगढ़ जेल करीब 47 एकड़ में फैली हुई है। इसमें 680 कैदियों को रखने की क्षमता है।

ये भी पढ़ें: क्या है INSAT-3DS? ISRO ने जिसे किया लॉन्च, तूफान और भूकंप से बचाव में कैसे मिलेगी मदद?

First published on: Feb 17, 2024 08:36 PM

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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