कौन है 'आलिया, मालिया और जमालिया', जिनका अमित शाह ने लोकसभा में किया जिक्र?

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Amit Shah

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Alia, Malia and Jamalia: मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन INDIA ने मोदी सरकार को घेरने के लिए संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव बीजेपी की अगुवाई वाली NDA सरकार के खिलाफ था। हालांकि हश्र वही हुआ, जिसका अनुमान था। अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में गिर गया। इस मुद्दे पर बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह करीब 2 घंटे 13 मिनट बोले और विपक्ष खासकर कांग्रेस को जमकर निशाने पर लिया। इस दौरान उन्होंने ‘आलिया, मालिया और जमालिया’ का जिक्र किया। ऐसे में सवाल उठता है कि इन तीन शब्दों का मतलब क्या है?

पहले जानें, क्या कहा था शाह ने?

अमित शाह ने लोकसभा में कहा, ‘2004 से 2014 तक लगातार केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए की सरकार रही है। उस वक्त आए दिन आतंकी भारत में घुसपैठ करते थे। आलिया, मालिया और जमालिया बॉर्डर पारकर भारत में घुसकर हमारे जवानों का सिर काटकर ले जाते थे। बावजूद इसके यूपीए सरकार कोई जवाब नहीं देती थी। लेकिन अब नरेंद्र मोदी की सरकार है। अब कोई घुसपैठ करने की हिम्मत नहीं करता है। यदि किसी ने किया भी एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक से मुंहतोड़ जवाब देती है। आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारा है और उनके दुस्साहस का जवाब दिया है।’

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आलिया, मालिया, जमालिया कौन हैं?

टॉम, डिक, हैरी की तरह आलिया, मालिया और जमालिया एक वाक्यांश सही, जिसे एक डॉग विसल (Dog Whistle) के तौर पर मान सकते हैं। इसका उद्देश्य मतदाताओं के दिमाग में अपने वाक्यांश की छाप छोड़ना है। अमित शाह अक्सर इन तीन शब्दों का इस्तेमाल अपनी रैलियों में तब करते हैं जब वे पाकिस्तान और आतंकवाद की बात करते हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि ये तीन शब्द मुस्लिम विरोधी और पाकिस्तान विरोधी रुख को स्पष्ट करना आसान बना देती हैं।

अमित शाह अक्सर जिन तीन नामों का जिक्र करते हैं, वे खासकर मुसलमान और मुस्लिम महिलाओं के बारे में बात करने का उनका तरीका है, जो शायद कथित तौर पर सैन्य क्षेत्रों में घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ‘हनी ट्रैप’ की ओर इशारा करते हैं।

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