जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश की वजह से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. ऐसे में अमरनाथ यात्रा को अस्थाई तौर पर रोक दिया गया है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए पहलगाम और बालटाल वाले रूट को बंद कर दिया है. जिसके बाद कोई भी यात्री बेस कैंप से आगे नहीं जा पाएगा. अब प्रशासन फिर से मौसम और रास्तों पर मंथन करेगा, उसी के बाद ये फैसला हो पाएगा कि यात्रा फिर से कब शुरू की जा सकती है.

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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट

दरअसल, भारतीय मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जिसके बाद अमरनाथ यात्रा पर रोक लगाना ही सही समझा गया. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है. जम्मू के मंडलायुक्त रमेश कुमार ने कहा है कि 19 जुलाई से किसी भी यात्री को आगे नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जो यात्री पहले से यहां मौजूद हैं, वो जम्मू, ऊधमपुर और रामबन में बनाए गए कैंप्स में ही रहें. प्रशासन ने अपील की है कि जब तक उनकी तरफ से कोई ऑर्डर ना आए, तब तो वो वही ठहरे रहें. प्रशासन का कहना है कि खराब मौसम की वजह से यात्रियों के फायदे के लिए ये फैसला लेना बेहद ज़रूरी है. जानकारी के मुताबिक, साल 2026 में अब तक 3.7 लाख से ज्यादा अमरनाथ की यात्रा पूरी कर चुके हैं.

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वैष्णो देवी की यात्रा पर भी लगी रोक

भारी बारिश के अलर्ट की वजह से सिर्फ अमरनाथ यात्रा ही नहीं, बल्कि वैष्णो देवी यात्रा को भी कुछ वक्त के लिए रोक दिया है.
भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और उनकी भलाई के लिए प्रशासन ने ये फैसला लिया है. दरअसल, बारिश के मौसम में पहाड़ों में लैंडस्लाइड और फिसलन का खतरा बढ़ जाता है, जिसकी वजह से बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में मौसम विभाग लोगों से अपील करता है कि वो ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करने से बचें.

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