Air pollution in Delhi: दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण ने लोगों और सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। यहां का एक्यूआई (AQI) बहुत ज्यादा हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी की हवा इतनी जहरीली हो गई है कि यहां सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। अभी प्रदूषण से राहत मिलने के आसार भी नहीं हैं। ऐसा पहली बार नहीं है कि दिल्ली की हवा खराब हुई है। हर साल सर्दियां शुरू होते ही यहां यही हाल रहता है। हवा इतनी दमघोंटू हो गई है कि डॉक्टर भी मास्क लगाने और जहां तक हो सके घरों में रहने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही जहरीली हवा से बचने के तरीके भी बताए जा रहे हैं। इस बीच विशेषज्ञ ने ऐसी बात बताई है जिसे सुनकर आपको डर लग सकता है। लंग स्पेशलिस्ट के मुताबिक दिल्ली की हवा इतनी खराब है कि यहां सांस लेना 25-30 सिगरेट पीने जितना नुकसान पहुंचा सकती है।
दिल्ली की हवा में सांस लेना इतना गंभीर है कि आप इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। फेफड़े के विशेषज्ञ का कहना है कि दिल्ली की हवा में सांस लेना एक दिन में 25-30 सिगरेट पीने के बराबर है। यह मेदांता अस्पताल में फेफड़ों की बीमारियों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर अरविंद कुमार का कहना है।
डॉक्टर कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि सभी आयु वर्ग के लोगों पर वायु प्रदूषण का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसमें अजन्मे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। आपको हैरानी हो सकती है कि एक अजन्मे बच्चे पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, क्योंकि वह बच्चा सांस नहीं ले रहा है… हवा के विषाक्त पदार्थ बच्चे तक कैसे पहुंच रहे हैं।
स्पेशलिस्ट ने आगे बताया बच्चे की मां के सांस लेते वक्त जहरीले पदार्थ उसके फेफड़ों में चले जाते हैं। फेफड़ों के माध्यम से वे रक्त में चले जाते हैं और प्लेसेंटा के माध्यम से वे बच्चे या भ्रूण तक पहुंचते हैं। वे भ्रूम को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इस वजह से समय से पहले प्रसव और अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
दिल्ली और आसपास के इलाकों का एक्यूआई लगातार गिर रहा है। आज यानी शनिवार को भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब है। यहां एक्यूआई का स्तर 413 रहा। इसकी वजह से लोगों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है। पूरी दिल्ली में धुंध छाई हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है।