Agniveer Service Extension: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती के लिए वर्ष 2022 में शुरू की गई ‘अग्निपथ योजना’ में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. चार साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहे पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा अवधि को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार पहले बैच के कुछ अग्निवीरों को 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाने जा रही है. इस नए कदम को ‘सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी’ नाम दिया गया है. अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो चयनित अग्निवीर 4 साल के बजाय कुल 6 साल तक सेना में अपनी सेवाएं दे सकेंगे.
उच्चस्तरीय बैठकों में प्रस्ताव पर चर्चा
सूत्रों और हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले बैच का कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में इस विकल्प पर विचार किया गया है. योजना के तहत 25 फीसदी नियमित कैडर के अतिरिक्त कुछ जवानों को सेवा विस्तार देने की संभावना तलाशी जा रही है. हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि कितने जवानों को इसका लाभ मिलेगा और चयन के क्या मापदंड होंगे. सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है.
कब सेवामुक्त होगा पहला बैच?
तीनों सेनाओं में भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों के कार्यकाल की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. भारतीय नौसेना में पहले बैच के अग्निवीर सबसे पहले 21 नवंबर को सेवामुक्त होंगे. भारतीय वायुसेना के अग्निवीर 21 दिसंबर को अपनी 4 साल की सेवा पूरी करेंगे. थल सेना के पहले बैच के जवान 31 दिसंबर 2026 को सेवामुक्त होने वाले हैं. माना जा रहा है कि सरकार इस सेवा विस्तार और नई व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा जल्द कर सकती है.
क्या है 2 साल के एक्सटेंशन का नियम?
मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद मेरिट और प्रदर्शन के आधार पर केवल 25 फीसदी अग्निवीरों को परमानेंट कैडर में शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 फीसदी को एकमुश्त सेवा निधि पैकेज देकर सेवामुक्त कर दिया जाता है.’सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी’ का प्रस्ताव इसी 75 फीसदी वर्ग से जुड़ा है. सेवामुक्त होने वाले 75 फीसदी जवानों में से एक निश्चित हिस्से को 2 साल और सेवा देने का विकल्प दिया जाएगा.
नियम की जरूरत क्यों पड़ी?
सेना को अनुभवी जवानों की निरंतर आवश्यकता होती है. इस व्यवस्था से सेना को पहले से प्रशिक्षित जवानों का लाभ अतिरिक्त 2 साल तक मिल सकेगा, साथ ही युवाओं को भी लंबे समय तक देश सेवा का मौका मिलेगा.
किसे और कैसे मिलेगा लाभ?
फिलहाल यह प्रस्ताव उच्चस्तरीय स्तर पर विचाराधीन है. एक्सटेंशन किन विशेष ट्रेड्स या कैटेगरी में दिया जाएगा और इसके चयन की अंतिम शर्तें क्या होंगी, इस पर रक्षा मंत्रालय की ओर से आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होना अभी बाकी है. नौसेना के पहले बैच का कार्यकाल 21 नवंबर को पूरा होने जा रहा है, इसलिए इस नियम पर जल्द अंतिम फैसला आने की उम्मीद है.