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महिलाओं में यीस्ट संक्रमण के क्या लक्षण हैं? स्त्री रोग विशेषज्ञ ने बताया Yeast Infection से कैसे मिलेगा छुटकारा

Vaginal Infection In Women: यीस्ट इंफेक्शन के कारण महिलाओं को वैजाइनल दिक्कतें होने लगती हैं. ऐसे में यहां जानिए गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार किस तरह यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण पहचाने जा सकते हैं और दिक्कत से बचा जा सकता है.

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महिलाओं में यीस्ट संक्रमण क्या है?

Yeast Infection Symptoms: महिलाओं में वैजाइनल यीस्ट इंफेक्शन एक आम समस्या है जिससे बहुत सी महिलाएं दोचार होती हैं. लेकिन, अक्सर ही महिलाएं यीस्ट इंफेक्शन से चुपचाप जूझती रहती हैं और समझ नहीं पातीं कि यह दिक्कत हो क्यों रही है. यीस्ट इंफेक्शन के कारण वैजाइनल एरिया में जलन से लेकर खुजली और दर्द तक महसूस हो सकता है. ऐसे में इसके लक्षण पहचानकर छुटकारा पाना और सावधानियां बरतना जरूरी है. यहां जानिए यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण कैसे दिखते हैं और इससे किस तरह राहत मिलती सकती है.

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यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण

अपोलो क्रेडल की सीनियल कंसल्टेंट, स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ (Gynecologist) डॉ. मीता वर्मा ने बताया यीस्ट इंफेक्शन को सामान्यतौर पर फंगल इंफेक्शन भी कहते हैं. महिलाओं में यह बरसाती मौसम में ज्यादा होता है. यह कैंडिडा एल्बिकेंस के कारण होने वाला इंफेक्शन है. इस इंफेक्शन में कैसे लक्षण दिखते हैं –

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यीस्ट इंफेक्शन कर्डी डिस्चार्ज यानी गाढ़ा फटे हुए दही जैसा वैजाइनल डिस्चार्च (Vaginal Discharge) होता है, सूजन होती है, खुजली होती है और इंटिमेसी के दौरान दर्द होने जैसे लक्षण नजर आते हैं. इस इंफेक्शन में कई बार महिलाओं को बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है.

सूजन के कारण दर्द ज्यादा होता है और कई बार खून भी नजर आने लगता है. यीस्ट इंफेक्शन में बैक्टीरिया भी इन्वॉल्व हो जाता तो डिस्चार्ज का रंग हरा भी दिख सकता है.

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डॉ. मीता वर्मा बताती हैं कि पीरियड्स के बीच में जो डिस्चार्ज होता है वो ऑव्युलेशन की तरह का नॉर्मल डिस्चार्ज होता है. आमतौर पर पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग होने पर यीस्ट इंफेक्शन अपनेआप वॉश आउट हो जाता है जिससे मरीज को आराम मिल जाता है. लेकिन, अगर पीरियड्स खत्म होने के बाद भी इस तरह का डिस्चार्ज हो तो यह फंगल इंफेक्शन का लक्षण है.

किन महिलाओं को यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है

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  • जो महिलाएं मोटापे से परेशान हैं या जिनकी जांघें चिपकी हुई रहती हैं उन्हें यह इंफेक्शन ज्यादा होता है क्योंकि हवा पास नहीं हो पाती है.
  • डायबिटीज से ग्रसित महिलाओं में भी यीस्ट इंफेक्शन होने की संभावना ज्यादा होती है.
  • हाइजीन मेंटेन ना करने पर यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है.

यीस्ट इंफेक्शन से बचने के लिए क्या करें

गायनेकोलॉजिस्ट की सलाह है कि यीस्ट इंफेक्शन होने पर वैजाइनल एरिया को पानी से साफ करें. इसके लिए रनिंग वॉटर का इस्तेमाल करें. इस एरिया को जितना ज्यादा ड्राई रखेंगी उतना ही यीस्ट इंफेक्शन दूर रहेगा.

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यीस्ट इंफेक्शन होने पर क्या करें

यीस्ट इंफेक्शन होने पर वैजाइनल एरिया को साफ रखें और ड्राई रखें. इस इंफेक्शन में वर्जिन कोकोनट ऑयल लगाया जा सकता है. यह खुजली को कम करता है. डॉक्टर से मिलें और दवा लें जिससे यीस्ट इंफेक्शन जल्दी ठीक होगा. इस बात का खास ध्यान रखें कि आप चीनी से पूरी तरह से दूरी बना लें. गायनेकोलॉजिस्ट की सलाह है कि यीस्ट इंफेक्शन में आपको चीनी बिल्कुल नहीं खानी चाहिए.

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यह भी पढ़ें – एकदम से पेशाब लगना और कंट्रोल ना कर पाना, क्या यह कोई बीमारी है? जानिए क्या है Urinary Urgency

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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