Lung Cancer Symptoms: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, फेफड़ों का कैंसर साल 2022 में दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों में सबसे बड़ा कारण रहा. फेफड़ों का कैंसर आमतौर पर तब पकड़ में आता है जब कैंसर की स्टेज एडवांस हो जाती है. ऐसे में कैंसर के खतरे में आने वाले लोगों की समय रहते स्क्रीनिंग कर ली जाए तो इसे शुरुआती स्टेज (Early Stage Lung Cancer) में ही पहचाना जा सकता है और स्क्रीनिंग शुरू हो सकती है. WHO के अनुसार, फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण (Fefdo Ke Cancer Ke Lakshan) कैसे दिखते हैं, इससे किन्हें ज्यादा खतरा है और किस तरह जांच और इलाज हो सकता है, जानिए यहां.
यह भी पढ़ें – पेशाब में दिक्कत, धीमी धार और ब्लैडर खाली ना लगना… स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के क्या लक्षण हैं
फेफड़ों के कैंसर के लक्षण
- खांसी होती है जो ठीक नहीं होती
- छाती में दर्द महसूस होता है
- सांस फूलने लगती है
- खांसते हुए खून आता है
- शरीर में थकान रहने लगती है
- बिना किसी कारण वजन कम होने लगता है
- फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है जो बार-बार लौट आता है.
किन लोगों को है ज्यादा खतरा
फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण है तंबाकू का सेवन, चाहे वह सिगरेट के जरिए हो, सिगार के जरिए या किसी पाइप के जरिए. इसके अलावा, सैकंडहैंड स्मोक यानी किसी और के सिगरेट पीने पर आपका उस धुएं के संपर्क में आना, बाहरी या घर के अंदर का वायु प्रदूषण, काम के कारण प्रदूषित हवा या केमिकल के संपर्क में आना जैसे सिलिका या डीजल, किसी तरह की लंबी चली आने वाली फेफड़ों की बीमारी या जेनेटिक्स के चलते भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है.
कैसे होती है जांच
अगर फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती स्टेज में ही जांच कर ली जाए तो कैंसर को कई हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. जांच के लिए स्क्रीनिंग करवाई जा सकती है. जिन लोगों को कैंसर का रिस्क हाई होता है, जो लंबे समय से धूम्रपान कर रहे हैं उन्हें खासकर स्क्रीनिंग करानी चाहिए.
कैंसर की जांच के लिए फिजिकल टेस्ट किया जा सकता है, इमेजिंग टेस्ट जैसे एक्सरे, कम्यूटेड स्कैन और मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग हो सकती है. ब्रोंकोस्कोपी, टिशू सैंपल टेस्ट और मोलिक्यूल टेस्टिंग हो सकती है.
फेफड़ों के कैंसर का इलाज
फेफड़ों के कैंसर के इलाज में मरीज के कैंसर का प्रकार, स्टेज (Lung Cancer Stage), मोलिक्यूल प्रोफाइल और हेल्थ स्टेटस देखा जाता है. इलाज में सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी दी जाती है. सपोर्टिव केयर, लक्षणों को मैनेज करना, दर्द से छुटकारा, लाइफ क्वालिटी बेहतर करना और हर स्टेज में मरीज का ध्यान रखना भी ट्रीटमेंट का हिस्सा है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
BP अचानक 150 के पार जाते ही होने लगती है घबराहट? इन बातों का रखें खास ध्यान
17 hrs agoएक ही महीने में 2 बार पीरियड्स क्यों होते हैं, किसी बीमारी का लक्षण तो नहीं
20 hrs agoबिना दर्द की गांठ भी हो सकती है कैंसर का संकेत, गलती से न करें इग्नोर
20 hrs agoकिस बीमारी के बाद हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है? जानिए यहां
22 hrs agoLung Cancer Symptoms: ये 6 दिक्कतें हो सकती हैं फेफड़ों के कैंसर का लक्षण
1 day agoदुबले-पतले हैं और वजन बढ़ाना चाहते हैं तो यहां जानिए किस तरह बढ़ाएं वजन
1 day agoक्या मुंह में छाले होने का कारण कैंसर है? जानें कब हो सकती है बीमारी
1 day agoआखिर मासूम बच्चों को क्यों होता है कैंसर? माता-पिता जरूर जानें ये जरूरी बात
1 day agoबार-बार लगती रहती है भूख? ब्लड शुगर से हो सकता है कनेक्शन
1 day agoरोजाना 6 घंटे से कम सोते हैं तो जान लें सेहत पर पड़ने वाले ये प्रभाव
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines