What Is Mucle Mass: मसल मास कम होने को सार्कोपेनिया (Sarcopenia) कहा जाता है. पहले माना जाता था कि बढ़ती उम्र में या कहें वृद्धावस्था की ओर बढ़ रहे लोगों का मसल मास कम होता है, लेकिन अब 40 की उम्र में भी लोगों का मसल मास गिरता हुआ देखा जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय अपनी मसल्स को अटेंशन नहीं देते जिस कारण कम उम्र में भी मसल मास गिरने लगा है. एज रिलेटेड मसल मास को प्राइमेरी सार्कोपेनिया कहते हैं लेकिन कम उम्र में लोगों को सेकंडरी सार्कोपेनिया होने लगा है जिसकी वजह स्टेरॉइड लेना, क्रोनिक ऑर्गन फेलियर और न्यूरो मस्कुलर डिसोऑर्डर्स हैं. इसके अलावा, डायबिटीज का बढ़ता खतरा भी मसल मास कम होने की वजह बनता है. मसल मास क्या है, मसल मास कम (Low Muscle Mass) होने के क्या संकेत हैं और किस तरह मसल मास को बढ़ाया जा सकता है, जानिए यहां.
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मसल मास क्या है और कम होने पर कैसे लक्षण दिखते हैं
मसल मास का मतलब है शरीर में मांसपेशियों का कुल वजन. अगर वजन तोला जाता है तो उसमें फैट और हड्डियों के साथ ही मसल मास का वजन भी शामिल होता है. मसल मास कम होने लगे तो शरीर की ताकत और स्थिरता भी कम होने लगती है. शरीर के पोस्चर से लेकर एनर्जी को रिस्टोर करने तक में मसल मास मदद करता है.
मसल मास कम होने पर ये संकेत दिख सकते हैं –
- कमजोरी महसूस होने लगती है, शरीर थका हुआ लगता है और लगता है कि व्यक्ति उम्र से पहले ही बूढ़ा होने लगा है
- अक्सर ही हाथों से चीजें छूटकर गिरने लगती हैं, यह ग्रिप कम होने पर होता है
- सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत आती है, चलने की स्पीड कम हो जाती है
- बैलेंस खराब होने लगता है, बिना सपोर्ट के खड़े रहना मुश्किल होने लगता है
- अक्सर ही व्यक्ति गिरने लगता है
कैसे बढ़ेगा मसल मास
मसल मास बढ़ाने के लिए प्रोटीन इंटेक बढ़ाना जरूरी है. प्रोटीन इंटेक को अपने वजन के हिसाब से 1g/kg बढ़ाना जरूरी है. विटामिन डी से भरपूर चीजों को डाइट में शामिल करना जरूरी है जिससे टिशू ब्रेकडाउन रुक सके, नर्व हेल्थ और मसल्स कॉन्ट्रेक्शन को रोकने के लिए विटामिन बी12 का सेवन जरूरी है. इसके अलावा, पूरी नींद लेना जरूरी है. रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद लें जिससे मसल रिपेयर हो सके.
एक्सरसाइज को बनाएं लाइफस्टाइल का हिस्सा
- मसल मास बढ़ाने के लिए फ्लेक्सिबिलिटी, जॉइंट मॉबिलिटी और स्टेबिलिटी बेहतर करने के लिए बैलेंस ट्रेनिंग करें.
- ब्रिस्क वॉक या साइक्लिंग करें जिसे एंड्युरेंस बढ़े और हार्ट हेल्थ अच्छी रहे.
- वेट्स या बैंड्स के साथ रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करें, बॉडी वेट एक्सरसाइज करें जिससे मसल मास प्रीजर्व हो सके. हफ्ते में 2 से 3 बार 15 मिनट के लिए भी ऐसा किया जाए तो फायदा मिलता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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