Sunscreen To Prevent Skin Cancer: स्किन सेल्स में अनकंट्रोल्ड ग्रोथ होने को स्किन कैंसर कहते हैं. मुख्यतौर पर स्किन कैंसर सूरज की अल्ट्रा वायलेट किरणों से ट्रिगर होता है. बेसल सेल कार्सिनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, और मेलानोमा स्किन कैंसर के कुछ प्रकार हैं. ऐसे में स्किन कैंसर से बचने के लिए सूरज की हानिकारक किरणों से बचे रहना जरूरी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि स्किन कैंसर को दूर रखने और सूरज की यूवी किरणों (UV Rays) से बचने के लिए क्या करना चाहिए और किस तरह की सनस्क्रीन लगानी चाहिए.
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त्वचा कैंसर से बचने के लिए लगाएं सनस्क्रीन
WHO के अनुसार, स्किन कैंसर एक बड़ा रिस्क है सूरज की हानिकारक यूवी किरणों के संपर्क में जरूरत से ज्यादा आना. धूप में देर तक रहकर लोग शौक के लिए स्किन को टैन करते हैं लेकिन यह स्किन डैमेज से होने वाला रिएक्शन है. लेकिन, अच्छी बात यह है कि इस टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है.
धूप से कैसे बचें
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खुद को धूप से बचाए रखने के लिए छाता लिया जा सकता है. खासकर दोपहर के समय जब यूवी किरणें बेहद तेज होती हैं उस समय छाया में रहना जरूरी है.
शरीर को अच्छे से ढककर त्वचा को यूवी किरणों से बचाया जा सकता है. धूप में बड़ी हैट पहन सकते हैं. यूवी किरणों को ब्लॉक करने वाले सनग्लासेस भी पहन सकते हैं.
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कौन सी सनक्रीन चुनें
स्किन कैंसर से बचने के लिए सही तरह से त्वचा पर सनस्क्रीन लगाई जा सकती है. शरीर का वो हिस्सा जो कपड़े से ढका नहीं होता है, जैसे चेहरा, कान, गला और हाथ उनपर सनस्क्रीन जरूर लगाएं. ब्रॉड स्पैक्ट्रम वाली सनक्रीन चुनें जो एसपीएफ और यूवीबी प्रोटेक्शन दोनों ज्यादा दे. SPF 30 या उससे ज्यादा SPF वाली सनस्क्रीन ही चुनें.
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स्किन के हर हिस्से पर 2 उंगलियों के बराबर सनक्रीन लगाएं. इस बात का ध्यान रखें कि आप सिर्फ चेहरे पर ही सनस्क्रीन ना लगाएं बल्कि गले और कान वगैरह पर भी अच्छे से लगा लें.
सनस्क्रीन को हर 2 घंटे में लगाएं. खासकर आप धूप में बाहर हों तो सनस्क्रीन को समय-समय पर लगाते रहना जरूरी होता है. स्विमिंग के बाद या पसीना आने के बाद भी सनस्क्रीन लगाएं. अगर धूप नहीं निकलती है तब भी सनस्क्रीन लगाई जा सकती है. आपकी स्किन टोन चाहे कैसी भी हो, आपको सनस्क्रीन लगानी चाहिए.
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WHO का कहना है कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल बेहद जरूरी है. इसीलिए WHO ने सनस्क्रीन को एसेंशियल दवाओं की सूची में शामिल किया है. सनस्क्रीन स्किन को प्रोटेक्ट करती है यह वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध किया जा चुका है.
स्किन कैंसर के क्या लक्षण होते हैं
स्किन कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो इलाज भी जल्दी शुरू होता है और शुरुआती स्टेज में ही कैंसर को खत्म किया जा सकता है. शरीर पर ये लक्षण नजर आएं तो कभी ना करें इग्नोर -
- नया मस्सा या बड़ा तिल निकल आना जिसका आकार टेढ़ा-मेढ़ा हो, इर्रेग्युलर बोर्डर हो, रंग सामान्य से अलग हो, जो 6mm से बड़ा हो और आकार में बढ़ रहा हो.
- कोई चोट जो लंबे समय तक भी ना भर रही हो. अगर कोई चोट या घाव कई हफ्तों तक जस का तस बना हुआ है तो जांच करवा लेनी चाहिए.
- खुजली होना, दर्द होना या फिर त्वचा के कुछ हिस्सों का टेंडर हो जाना जिन्हें छूने पर दर्द होता है.
- शरीर के किसी हिस्से पर गांठ बनना. अचानक बनी यह गांठ स्किन कैंसर का लक्षण (Skin Cancer Symptom) हो सकती है.
- नाखूनों के अंदर की त्वचा बदल सकती है या नाखूनों पर निशान नजर आ सकते हैं. मेलेनोमा में ऐसा हो सकता है.
- किसी हिस्से पर खुजली होना या चोट के दाग जैसा निशान बन जाना. त्वचा का लाल होना या सूजा हुआ रहना.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Source - WHO