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भारतीय थाली में कौन-सी चीज कम और कौन-सी ज्यादा होनी चाहिए? जानिए फिट रहने के लिए क्या करें

What to Add in Plate For Healthy Life: क्या आप जानते हैं हेल्दी रहने के लिए थाली में कौन-सी चीज होनी चाहिए और क्या नहीं होनी चाहिए? आइए आपको ICMR-NIN द्वारा प्रकाशित डायट्री रिपोर्ट में बताते हैं हेल्दी रहने का क्या सीक्रेट है.

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अच्छी सेहत के लिए थाली कैसी होनी चाहिए? (Image: AI/Pexels)

अच्छी सेहत के लिए क्या खा रहे हैं और कितना खा रहे हैं, इसकी सही जानकारी होना काफी महत्वपूर्ण है. इन छोटी लेकिन जरूरी चीजों के बारे में सही जानकारी होने के बाद ही, बीमारियों का खतरा कम होता है और हेल्दी जिंदगी जीने में मदद मिलती है. भारतीय थाली को संतुलित बनाने का मतलब सिर्फ रोटी, चावल या सब्जी खाना नहीं है, बल्कि शरीर की जरूरत के अनुसार अलग-अलग पोषक तत्वों को सही मात्रा में शामिल करना भी है. कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषण देते हैं, जबकि विटामिन और मिनरल शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए जरूरी होते हैं. इसलिए रोज की थाली में अलग-अलग चीजों का सही मात्रा में मौजूदगी जरूरी है. हालांकि, उम्र, शरीर कितना फिजिकली एक्टिव है और स्वास्थ्य के अनुसार इनकी मात्रा बदल सकती है, लेकिन सामान्य तौर पर थाली में खाने की चीजें जितनी अच्छी होगी, डाइट उतनी ही संतुलित रहेगी.

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कार्बोहाइड्रेट ज्यादा हो तो चुनें सही विकल्प

ICMR-NIN के अनुसार, भारतीय भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा आमतौर पर ज्यादा होती है, क्योंकि रोटी, चावल, अनाज, बाजरा और दालें इसका प्रमुख स्रोत हैं. संतुलित आहार में करीब 50-60 प्रतिशत कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से आ सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि सफेद चावल, मैदा या मीठी चीजें ज्यादा खाई जाएं. साबुत अनाज, मोटे अनाज, दाल और फाइबर वाली चीजें बेहतर विकल्प हो सकती हैं. फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है और भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट व फैट के अवशोषण को धीमा कर सकता है.

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थाली में प्रोटीन की कमी न होने दें

कार्बोहाइड्रेट से मिलने वाली ऊर्जा के साथ शरीर को प्रोटीन की भी जरूरत होती है. प्रोटीन मांसपेशियों के अलावा हड्डियों, त्वचा और शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है. दाल, चना, राजमा, लोबिया, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली और मांस इसके अच्छे स्रोत हैं. हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है. शाकाहारी भोजन में अनाज और दालों को साथ खाना फायदेमंद हो सकता है. इसलिए अगर थाली में रोटी या चावल है तो उसके साथ दाल, पनीर, दही या कोई अन्य प्रोटीन स्रोत जोड़ना बेहतर संतुलन बना सकता है.

फैट जरूरी है, लेकिन मात्रा का रखें ध्यान

प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के बाद बात आता है फैट. शरीर को फैट की जरूरत होती है, क्योंकि यह ऊर्जा देने के साथ कुछ जरूरी विटामिन के अवशोषण में भी मदद करती है. लेकिन ज्यादा घी, मक्खन, तला-भुना खाना आदि का जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. खाना बनाते समय तेल या घी की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है.

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सब्जी, सलाद और फल से पूरी होती है थाली

अब सवाल है कि बाकी जगह थाली में क्या होना चाहिए? यहां सब्जियां, सलाद और फल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इनसे शरीर को फाइबर, विटामिन, मिनरल और कई फायदे मिसते हैं. हल्दी, अदरक, लहसुन, जीरा और लौंग जैसे मसाले भी भोजन का हिस्सा बन सकते हैं.

इस बात को समझें

सही थाली के लिए एक आसान नियम यह हो सकता है कि थाली में सिर्फ रोटी या चावल की मात्रा बढ़ाने के बजाय दाल या अन्य प्रोटीन स्रोत, पर्याप्त सब्जियां, सलाद और सीमित मात्रा में फैट को जगह दी जाए. कुल मिलाकर संतुलित भारतीय थाली का मतलब है, अलग-अलग तरह की खाने की चीजें, पर्याप्त फाइबर और प्रोटीन, सही मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और सीमित फैट. हालांकि व्यक्ति की उम्र, कितना वह शारीरिक रूप से एक्टिव है और स्वास्थ्य के अनुसार सही मात्रा अलग हो सकती है. इसलिए अपनी जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार, डाइट का पालन करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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