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गॉलब्लैडर निकाल देने के बाद क्या होता है? जानिए सर्जरी के बाद कौन-कौन सी दिक्कतें हो सकती हैं

Gallbladder Removal Surgery: पित्त की थैली में पथरी होने पर या पित्ताशय के खराब हो जाने पर उसे निकालना पड़ सकता है. ऐसे में यहां जानिए पित्ताशय निकाल दें तो क्या होगा और शरीर को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.

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गॉलब्लैडर खराब होने से क्या होता है?

Gallbladder Removal: गॉलब्लैडर को हिंदी में पित्ताशय या पित्त की थैली कहा जाता है. आमतौर पर गालस्टोन यीनी पित्त की थैली में पथरी होने पर, इंफ्लेमेशन के कारण या बाइल डक्ट में दिक्कतें आने पर पित्ताशय को निकाल दिया जाता है. पित्ताशय को निकालने के लिए सर्जरी की जाती है जिससे दर्द से राहत मिलती है और जानलेवा हो सकने वाली दिक्कतों को पहले ही रोक दिया जाता है, लेकिन पित्ताशय निकालने के कुछ दिनों बाद तक व्यक्ति को कुछ परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं पित्त की थैली निकालने (Gallbladder Removal Surgery) के कौन-कौन से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं और कौन सी सावधानियां बरतना जरूरी होता है.

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पित्त की थैली निकालने के बाद क्या होता है

पित्ताशय बाइल जूस को स्टोर करने वाला अंग होता है और बाइल को सीधा आंतों तक पहुंचाता है. लेकिन, अगर पित्ताशय बीमार हो जाए यानी डैमेज हो जाए, ठीक तरह से काम ना कर सके, खाना पचाने में मुश्किल आने लगे और दर्द रहने लगे तो पित्ताशय निकालना पड़ता है. ऐसे में बाइल निकाल देने के बाद पाचन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं.

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फैट पचाने में दिक्कत

गॉलब्लैडर के बिना बाइल रिलीज रेग्यूलेट नहीं हो पाता है जिससे फैट ठीक तरह से नहीं पचता है. ऐसे में मरीजों को अक्सर ही पेट फूलने, अपच और पेट में असहजता की दिक्कत होती है. खासतौर से हाई फैट मील लेने के बाद परेशानी होने लगती है.

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कब्ज होना

पित्ताशय निकाल देने के बाद पित्ताशय की पथरी से होने वाली कब्ज से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन खानपान ठीक ना किया जाए तो कब्ज बनी रह सकती है.

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दस्त लगना

गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद दस्त लगना एक आम साइड इफेक्ट माना जाता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बाइल जूस अब सीधा आंतों में बहने लगते हैं जिसके कारण मल ढीला होता जाता है और दस्त लग जाते हैं. खानपान में फैट की मात्रा ज्यादा हो और फाइबर कम हो तो खासतौर से यह दिक्कत हो जाती है.

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पीलिया या बुखार

अगर बाइल डक्ट में अब भी गालस्टोन रह जाए तो इससे पीलिया हो सकता है, दर्द रह सकता है और बुखार आ सकता है.

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आंतों की चोट

ऐसा बहुत कम मामलों में होता है यानी गॉलब्लैडर रिमूवल सर्जरी के बाद इंटेस्टिनल इंजरी होना दुर्लभ है.

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पित्ताशय निकालने की सर्जरी के बाद सावधानी है जरूरी

  • पित्ताशय निकल जाने के बाद शरीर को फैट्स पचाने में मुश्किल आने लगती है. वहीं, बाइल जूस सीधा आंतों में निरंतर बहते दाते हैं. ऐसे में शुरुआती दौर में खानपान को एकदम सादा रखने की कोशिश करनी चाहिए.
  • सब्जी का पानी, सादा चावल, मैश्ड पोटेटो या फिर योगर्ट जैसे फूड्स खाने चाहिए.
  • बहुत ज्यादा तला हुआ, तीखा या ग्रीसी खाना ना खाएं. शरीर इन्हें पता नहीं पाता है.
  • फाइबर से भरपूर डाइट लें. खानपान में फाइबर से भरपू फल और सब्जियों को शामिल करें, गाजर, पालक, सेब और बेरीज खाए जा सकते हैं.
  • गैस बनाने वाले खानपान से दूरी बनाना जरूरी है.
  • अपने लाइफस्टाइल में अच्छी आदतें अपनाएं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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