मुख्य बातें –
- फेफड़ों का कैंसर जानलेवा साबित हो सकता है इसलिए समय पर इलाज जरूरी है.
- इस कैंसर के लक्षण शुरुआत में समझने मुश्किल होते हैं.
- फेफड़ों से जुड़ी दिक्कत 2-3 हफ्तों से ज्यादा बनी रहे तो तुरंत जांच करानी चाहिए.
Lung Cancer Symptoms: फेफड़ों का कैंसर सबसे गंभीर कैंसर में से एक है जिससे हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, साल 2022 में दुनियाभर में कैंसर के कारण होने वाली मौतों में फेफड़ों का कैंसर सबसे ऊपर था. ऐसे में इस खतरनाक कैंसर को समय रहते पहचानना और इलाज शुरू करना जरूरी होता है. फेफड़ों का कैंसर होने पर इसके चेतावनी संकेत और शुरुआती लक्षण बेहद हल्के हो सकते हैं. लेकिन, ये लक्षण जैसे ही दिखने लगें और 2 से 3 हफ्तों तक भी ठीक ना हों तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना जरूरी है. यहां जानिए WHO के अनुसार फेफड़ों के कैंसर के क्या लक्षण होते हैं.
यह भी पढ़ें – सांस फूलना कौन सी बीमारी का संकेत है? जानिए क्यों सांस लेने में होने लगती है परेशानी, कब नहीं करना चाहिए इग्नोर
फेफड़ों के कैंसर के लक्षण कैसे दिखते हैं
छाती में लगातार दर्द रहना फेफड़ों के कैंसर का एक बड़ा लक्षण होता है. लेकिन, इसके अलावा ये 6 दिक्कतें भी फेफड़ों के कैंसर के चलते हो सकती हैं –
- खांसी जो जल्दी जाती नहीं है
- अक्सर ही सांस फूल जाती है और गहरी सांस लेने में दिक्कत होती
- शरीर में हर समय थकान रहती है
- बिना कोशिश किए ही वजन कम होना शुरू हो जाता है
- खांसते समय मुंह से खून निकलता है
- बार-बार फेफड़ों के इंफेक्शन होते हैं
ये लक्षण (Fefdo Ke Cancer Ke Lakshan) नजर आने लगें तो इन्हें हल्के में ना लें और आम दिक्कतें समझकर इग्नोर ना करें बल्कि डॉक्टर से जल्द से जल्द परामर्श लें.
किन लोगों को करवानी चाहिए स्क्रीनिंग
अगर रेगुलर स्क्रीनिंग और फुल बॉडी हेल्थ चेकअप करवाया जाए तो फेफड़ों के कैंसर का जल्द से जल्द पता लगया जा सकता है. खासकर जो लोग धूम्रपान ज्यादा करते हैं उन्हें समय-समय पर कैंसर की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए और फॉलो अप लेना चाहिए.
फेफड़ों के कैंसर की जांच कैसे होती है
फेफड़ों के कैंसर की जांच के लिए (Lung Cancer Test) फिजिकल इग्जामिनेशन, इमेजिंग टेस्ट जैसे एक्स रे और कम्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन, फेफड़ों की अंदरूनी जांच के लिए ब्रोंकोस्कॉपी की जाती है. इसके अलावा, फेफड़ों के टिशूज लेकर टेस्ट और मोलेक्यूल टेस्टिंग से जांच करवाई जा सकती है.
किन लोगों को फेफड़ों के कैंसर का ज्यादा खतरा रहता है
सिगरेट, सिगार, बीढ़ी या पाइप पीने वालों में फेफड़ों के कैंसर का रिस्क ज्यादा रहता है. इसके अलावा, सैकंडहैंड स्मोक वालों में, बाहर लगातार प्रदूषण के संपर्क में आने पर, सिलिका, एबेस्टोस और डीजल एग्जॉस्ट के बीच काम करने पर, रेडोन एक्सपोजर, कुछ फेफड़ों की बीमारियां और जेनेटिक भी फेफड़ों के कैंसर की वजह बन सकते हैं.
फेफड़ों के कैंसर का ट्रीटमेंट कैसे होता है
फेफड़ों के कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए कैंसर की स्टेज, टाइप, मोलेक्यूल प्रोफाइल और मरीज की सेहत का ब्योरा लिया जाता है और फिर कैंसर का इलाज चुना जाता है. कैंसर के इलाज में ये ऑप्शंस होते हैं –
- सर्जरी
- रेडियोथैरेपी या रेडिएशन
- कीमोथैरेपी
- टार्गेटेड थैरेपी
- इम्यूनोथेरेपी
कैंसर की शुरुआती स्टेज के इलाज में ट्यूमर को हटाया जाता है. कैंसर वाले ट्यूमर को बढ़ने से रोकने के लिए न्यूएडजावेंट थेरैपी की जा सकती है. अगर सर्जरी नहीं हो सकती है तो रेडिएशन थेरैपी को प्राइमेरी ट्रीटमेंट की तरह चुना जा सकता है. टार्गेट थेरैपी और इम्यूनोथेरैपी भी की जा सकती है. इसके बाद मरीज का फॉलो आप होता रहता है और ऑब्जर्वेशन में ट्रीटमेंट चलता है. कैंसर की स्टेज अगर एडवांस हो जाए तो इलाज के तरीके बदल सकते हैं.
यह भी पढ़ें – पेशाब करते हुए जलन, दर्द और खुजली मूत्राशय के कैंसर का हो सकता है लक्षण, जानिए Bladder Cancer Symptoms कैसे पहचानें
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
दुबले-पतले हैं और वजन बढ़ाना चाहते हैं तो यहां जानिए किस तरह बढ़ाएं वजन
3 hrs agoक्या मुंह में छाले होने का कारण कैंसर है? जानें कब हो सकती है बीमारी
3 hrs agoआखिर मासूम बच्चों को क्यों होता है कैंसर? माता-पिता जरूर जानें ये जरूरी बात
17 hrs agoबार-बार लगती रहती है भूख? ब्लड शुगर से हो सकता है कनेक्शन
19 hrs agoरोजाना 6 घंटे से कम सोते हैं तो जान लें सेहत पर पड़ने वाले ये प्रभाव
22 hrs agoसोने के वक्त क्यों याद आते हैं बॉस के ताने और अधूरे काम? ऐसे मिलेगी राहत
23 hrs agoव्रत रख रहे हैं तो कभी ना करें ये 5 गलतियां, हो सकता है नुकसान
1 day agoछोटी बात पर रोने या डरने लगता है बच्चा? कहीं एंग्जायटी का शिकार तो नहीं
1 day agoडायबिटीज के मरीज नवरात्रि में भूखे रहें या नहीं? जानिए व्रत रखते वक्त क्या
1 day agoसर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? अक्सर महिलाएं कर देती हैं इग्नोर
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
Source - WHO
First published on:
Know More: Editorial Guidelines