Sleep Deprevation Effects: हम में से ऐसे कितने ही लोग हैं जो रात में देर तक फोन चलाते हैं और थक-हारकर तब सोते हैं जब एहसास होता है कि अगली सुबह उठकर काम पर भी जाना है. लेकिन, रोज-रोज कम नींद लेना सेहत को एक नहीं बल्कि कई तरह से प्रभावित कर सकता है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की डिविजन ऑफ स्लीप मेडिसिन की रिपोर्ट में इसी बात का जिक्र किया गया है कि नींद की कमी किस तरह सेहत पर असर डालती है, नींद इतनी जरूरी क्यों है और नींद की कमी से कौन सी बीमारियां या स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों हो सकती हैं.
क्यों जरूरी है नींद लेना
रोजाना पर्याप्त मात्रा में नींद लेना यानी 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी होता है. अगर रोजाना ही कम नींद ली जाए तो इससे शॉर्ट और लॉन्ग दोनों तरह के दुष्प्रभाव हो सकते हैं. नींद की कमी से जजमेंट, मूड, सीखने की क्षमता और जानकारी लेने में दिक्कत आती है और गंभीर एक्सीडेंट और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है.
अगर लगातार कम नींद ली जाए तो क्या होगा
अगर रोजाना ही कम नींद ली जाए तो इससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं जिनमें मोटापा, डायबिटीज, दिल से जुड़ी बीमारियां और जान जाने तक का रिस्क शामिल है. रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग लगातार कम नींद लेते हैं उनमें क्रोनिक बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है.
कम नींद लेने से कौन सी बीमारी होती है?
डायबिटीज – रिसरचर्स ने पाया कि नींद की कमी टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) का कारण बन सकती है. कम नींद शरीर के ग्लूकोज को प्रोसेस करने के तरीके पर असर डालती है.
दिल की बीमारी और हाइपरटेंशन – जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है अगर वे एक रात भी कम नींद लेते हैं तो अगले पूरे दिन उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है. इससे पता चलता है कि हाई ब्लड प्रेशर पर नींद की कमी बुरा प्रभाव डालती है जिससे दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है.
मोटापा – नींद की कमी से मोटापे का खतरा बढ़ता है. रिसर्च के अनुसार, जो लोग रोजाना 6 घंटे से कम नींद लेते हैं उनका बॉडी मास इंडेक्स एवरेज 8 घंटे की नींद लेने वाले लोगों के मुकाबले ज्यादा होता है. एक्सरसाइज की कमी और ओवरईटिंग के अलावा नींद की कमी भी मोटापे का बड़ा रिस्क बन चुकी है.
मूड डिसोर्डर – पर्याप्त नींद ना लेने पर स्लीप डिसोर्डर हो सकते हैं जैसे, एंजाइटी, डिपेशन, मेंटल डिस्ट्रेस वगैरह. नींद की कमी से व्यक्ति दिनभर मूडी और इरिटेबल भी रहता है, उसे छोटी-छोटी बातों से भी खीझ होती है.
इम्यूनिटी कमजोर होना – नींद की कमी से शरीर इंफेक्शंस से लड़ने में कमजोर पड़ने लगता है और नींद की कमी हो सकती है जिससे व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ सकता है.
रोजाना कितनी देर सोना चाहिए
रिसर्च के अनुसार, रोजाना 6 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त होती है. बहुत कम सोने के साथ ही बहुत ज्यादा सोना भी नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में 7 से 8 घंटे सोने पर सेहत अच्छी रहती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.