Iodine Deficiency: थायराइड ग्रंथि गले में स्थित तितली के आकार की एंडोक्राइन ग्लैंड है. यह थायराइड हार्मोन प्रोड्यूस करती है जो खून के जरिए शरीर के हर टिशू तक जाते हैं. थायराइड हार्मोन शरीर को एनर्जी यूज करने में मदद करता है और मस्तिष्क, दिल, मसल्स और अन्य अंगों को सही तरह से काम करने में मददगार होता है. आयोडीन एक ऐसा खनिज है जो थायराइड हार्मोन बनाने में मददगार होता है और शारीरिक व मानसिक डेवलपमेंट के लिए जरूरी है. लेकिन, शरीर आयोडीन को नहीं बनाता है इसीलिए यह खानपान के जरिए लिया जाना जरूरी है. बहुत से लोग डाइट में पर्याप्त आयोडीन शामिल नहीं करते हैं जिस चलते आयोडीन की कमी के कारण थायराइड डिसऑर्डर हो सकता है. इसपर VMMC सफदरजंग अस्पताल की डॉ. पूर्णिमा अग्रवाल, एमडी, डीएम असोसिएट प्रोफेसर, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट से साझा किया गया है. इस रिपोर्ट में डॉ. पूर्णिमा अग्रवाल ने थायराइड डिसऑर्डर और आयोडीन के बारे में बताया है.
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आयोडीन के स्त्रोत क्या हैं
- आयोडीन प्राकृतिक तौर पर मिट्टी और समुद्र के पानी में होता है.
- दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में खाने में आयोडीन की मात्रा अलग-अलग हो सकती है.
- लोग अपने खानपान में आयोडीन की मात्रा को टेबल सॉल्ट या आयोडीन से भरपूर फूड्स को शामिल करके बढ़ा सकते हैं.
- चीज, आयोडाइज्ड टेबल सॉल्ट, सीफूड, मछली, गाय का दूध, सोया मिल्क, सोया सॉस और दही आयोडीन के अच्छे स्त्रोत हैं.
आयोडीन की कमी से क्या होता है
शरीर में आयोडीन की कमी होने पर शरीर पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं बना पाता है. आयोडीन की कमी से होने वाली सभी दिक्कतें इसके थायराइड पर प्रभाव से जुड़ी होती हैं. ऐसे में आयोडीन की कमी से कई दिक्कतें हो सकती हैं जिन्हें आयोडीन डेफिशिएंसी डिसऑर्डर्स कहा जाता है.
हाइपोथायराइडिज्म – शरीर में आयोडीन का स्तर कम होने पर हाइपोथायराइडिज्म हो सकता है. वजन बढ़ना, ठंड सहन ना कर पाना, बाल झड़ना, मेंस्ट्रुअल बदलाव, कमजोरी महसूस होना, धीमा हार्ट रेट, कब्ज, डिप्रेशन और जोड़ों में दर्द इसके लक्षण हैं.
घेंघा रोग – आयोडीन की कमी से थायराइड ग्रंथि बढ़ने लगती है जिसे घेंघा रोग कहते हैं.
प्रेग्नेंसी से जुड़ी दिक्कतें – गर्भवती महिला में आोडीन की कमी से मिस्कैरिज, स्टिलबर्थ, प्रीटर्म डिलवरी या बच्चे में एब्नॉर्मिलिटी की संभावना बढ़ जाती है.
बच्चों में दिक्कतें – बच्चों में आयोडीन की कमी घेंघा रोग, मेंटल फंक्शन कम होना, फिजिकल डेवलपमेंट पर असर और हाइपोथायराइडिज्म का कारण बन सकती है.
आयोडीन की कमी से
आयोडीन की कमी जांचने के लिए यूरिनरी आयोडीन कंस्ट्रेशन (UIC), गोइटर रेट, थायराइड स्टिम्यूलेटिंग हार्मोन (TSH) और थायरॉग्लोबुलिन (TG) मेथड्स अपनाए जाते हैं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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