Prostate Cancer Ke Lakshan: हर साल सितंबर के महीने में प्रोस्टेट कैंसर अवेयरनेस मंथ (Prostate Cancer Awareness Month) के तौर पर मनाया जाता है. प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह का मकसद पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर के बारे में बताना, इसके प्रति उन्हें जागरूक करना, इसके खतरों से अवगत कराना और समय पर प्रोस्टेट से जुड़ी दिक्कतों को पहचानना और इलाज के लिए बिना झिझक उन्हें डॉक्टर से मिलने के लिए प्रोत्साहित करना है. पुरुषों के जननांग का हिस्सा है प्रोस्टेट ग्रंथि. प्रोस्टेट के टिशूज से शुरू होने वाले कैंसर को प्रोस्टेट कैंसर कहते हैं. ऐसे में प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को समझना और जल्द से जल्द डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है.
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प्रोस्टेट कैंसर के क्या लक्षण होते हैं
ये ऐसे कुछ लक्षण और संकेत हैं जो शरीर पर दिखने लगें तो इन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए –
- पेशाब शुरू करने में दिक्कत आना
- रात में बार-बार पेशाब आना
- ब्लैडर को खाली करने में दिककत महसूस होना
- यूरिन फ्लो धीमा होना, रुक-रुककर या बूंद-बूंद करके पेशाब आना
- कमर, पेल्विस या हिप्स में दर्द महसूस होना.
प्रोस्टेट कैंसर में पुरुषों को एडवांस स्टेज में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, हर समय थकान महसूस हो सकती है, चक्कर आ सकते हैं, दिल की धड़कन तेज हो जाती है या स्किन पीली पड़ती दिख सकती है.
पुरुषों में पेशाब से जुड़ी इन दिक्कतों की वजह एनलार्ज्ड प्रोस्टेट या प्रोस्टेट का बढ़ना भी हो सकती है. प्रोस्टेट के बढ़ने से यूरेथ्रा ब्लॉक हो जाता है जिस चलते पेशाब से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में ये लक्षण दिखने लगें तो पैनिक नहीं करना चाहिए बल्कि डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
प्रोस्टेट कैंसर की स्टेज
प्रोस्टेट कैंसर का पता लगने के बाद टेस्ट किए जाते हैं जिससे यह पता चलता है कि कैंसर की सेल्स शरीर के अन्य हिस्सों तक फैली है या नहीं. प्रोस्टेट कैंसर को आमतौर पर 4 स्टेज में बांटा जाता है, स्टेज 1, स्टेज 2, स्टेज 3 और स्टेज 4.
प्रोस्टेट कैंसर का इलाज और रिकवरी
प्रोस्टेट कैंसर का इलाज और रिकवरी कैंसर की स्टेज पर निर्भर करता है. इसके अलावा, मरीज की उम्र, कैंसर को कितना जल्दी पकड़ लिया गया है, मरीज को कोई और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तो नहीं हैं, ट्रीटमेंट का कोई साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा है, इससे पहले प्रोस्टेट संबंधी कोई ट्रीटमेंट हुआ है या नहीं जैसे फैक्टर्स प्रोस्टेट कैंसर के इलाज और रिकवरी को प्रभावित करते हैं.
प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टर सबसे सही तरीके को ढूंढकर इलाज करते हैं. इसमें सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और रेडियोफर्मासुटिकल थेरेपी, हार्मोन थेरेपी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी या इम्यूनोथेरेपी दी जा सकती है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source - NCI
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