Reverse Breathing: मरने से पहले व्यक्ति की सांसों का पैटर्न बदल जाता है, इसे उल्टी सांस चलना या चेन-स्टोक्स ब्रीदिंग कहा जाता है. यह सांस लेने का एक असामान्य चक्र है जिसमें सांस गहरी और तेज चलने के बाद एकदम धीमी और खोखली सी हो जाती है और फिर रुक जाती है. जिस व्यक्ति के आखिरी पल करीब होते हैं उसकी सांसों का पैटर्न बदलने लगता है, कई बार व्यक्ति एकदम तेज सांस लेता है और उसकी सांसें फूलने लगती हैं. यह शरीर के शट डाउन होने का संकेत होता है. यहां जानिए व्यक्ति मृत्यु के करीब होता है तो सांस उल्टी चलने के साथ ही शरीर में और क्या-क्या बदलाव नजर आने लगते हैं.

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मृत्यु के करीब होने पर उल्टी सांसें

जो व्यक्ति मृत्यु के करीब होता है वह अचानक से तेज सांस अंदर लेता है और फिर सांस लेने की गति धीमी हो जाती है. इसके तुरंत बाद सांसें 10 से 30 सेकंड या एक मिनट तक रुक जाती हैं. इसके बाद फिर एकदम से घरघराहट की सी आवाज आती है और सांसें अनियमित होने लगती हैं. यह जीवन के अंतिम पड़ाव का संकेत हो सकता है.

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मृत्यु से पहले आती है ऐसी आवाज

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व्यक्ति जब मौत के करीब होता है या कहें उसके अंतिम पल होते हैं उस समय उसके मुंह से एक गीली, गरारे जैसी या खर्राटे जैसी एक आवाज निकलती है जिसे डेथ रैटल (Death Rattle) कहते हैं. इस डेथ रैटल का मतलब है कि व्यक्ति अब कुछ भी निगल नहीं सकता है और उसके गले के क्लियर फ्लुइड्स उनके गले और श्वसन नली तक पहुंच रहे हैं. यह एक बड़ा संकेत है कि व्यक्ति अपनी आखिरी पलों में है.

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क्या इससे दर्द होता है

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सांस उल्टी चलने या डेथ रैटल के दौरान मरीज के मुंह से निकल रही आवाजें सुनकर परिवार डर जाता है और उनका यही प्रश्न रहता है कि क्या इससे दर्द होता है या नहीं. लेकिन, डेथ रैटल में आमतौर पर दर्द महसूस नहीं होता है, डिस्कंफर्ट नहीं लगता है और चोकिंग नहीं होती है. इस दौरान व्यक्ति सचेत नहीं रहता है.

मृत्यु के अलावा भी आ सकती हैं ऐसी सांसे

चेन स्टोक्स ब्रीदिंग की बात करें तो यह मृत्यु के अलावा भी कुछ स्थितियों में हो सकती है. किसी गंभीर या आपातकालीन स्थिति में भी व्यक्ति की सांसें उल्टी चल सकती हैं. स्ट्रोक, ब्रेन हैमरेज या एक्सीडेंट के बाद इस तरह सांस आ सकती है या सांसों का पैटर्न बदल सकता है. दिल के कमजोर होने पर खून को पंप करने में दिक्कत आती है या फिर फेफड़ों में पानी भरने पर पल्मोनरी एडिमा के कारण ऐसा हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.